नई दिल्ली: आईवियर रिटेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ‘लेंसकार्ट’ (Lenskart) पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर अपनी नई ‘स्टाइल गाइड’ को लेकर विवादों के घेरे में थी। कंपनी पर आरोप लगे थे कि उसने अपने स्टोर कर्मियों को काम के दौरान बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों को धारण करने से मना किया है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख कंपनी ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की धार्मिक अभिव्यक्ति पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
क्या था विवाद का मुख्य कारण?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट की एक कथित आंतरिक ‘स्टाइल गाइड’ (Style Guide) के स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे। इन दिशा-निर्देशों में कथित तौर पर कहा गया था कि स्टोर पर मौजूद कर्मचारियों को “साफ-सुथरा लुक” (Clean Look) रखना चाहिए और “माथे पर धार्मिक प्रतीकों” से बचना चाहिए। इस खबर के फैलते ही सोशल मीडिया पर नेटिजन्स ने नाराजगी जाहिर की और कंपनी पर धार्मिक स्वतंत्रता के हनन का आरोप लगाया।
कंपनी का आधिकारिक रुख: ‘विविधता का सम्मान’
विवाद पर सफाई देते हुए लेंसकार्ट के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी सभी धर्मों और संस्कृतियों का सम्मान करती है। कंपनी ने स्पष्ट किया:
- धार्मिक प्रतीकों पर रोक नहीं: कर्मचारियों को बिंदी, तिलक, पगड़ी या कोई भी धार्मिक पहचान धारण करने से नहीं रोका गया है।
- भ्रामक व्याख्या: कंपनी ने तर्क दिया कि स्टाइल गाइड का उद्देश्य केवल स्टोर कर्मियों के बीच एक पेशेवर एकरूपता (Professional Uniformity) सुनिश्चित करना था, न कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना।
- नई गाइडलाइन में बदलाव: सूत्रों के अनुसार, विवाद को देखते हुए कंपनी ने अपनी स्टाइल गाइड के शब्दों में सुधार किया है ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी की गुंजाइश न रहे।
नई स्टाइल गाइड में अब क्या है?
लेंसकार्ट ने स्पष्ट किया है कि उनकी नई गाइडलाइन का मुख्य जोर ‘ग्रूमिंग’ (Grooming) और ‘हाइजीन’ (Hygiene) पर है:
- प्रोफेशनल अपीयरेंस: स्टोर के फ्रंट-एंड कर्मचारियों के लिए साफ-सुथरी यूनिफॉर्म और पेशेवर तरीके से तैयार होना अनिवार्य है।
- समावेशी नीति: कंपनी ने अपनी नीतियों को ‘इंक्लूसिव’ (समावेशी) बताया है, जहाँ देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कर्मचारी अपनी संस्कृति के अनुसार तैयार हो सकते हैं।
- स्पष्टीकरण पत्र: कंपनी ने अपने सभी स्टोर मैनेजरों को संचार भेजकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी कर्मचारी को उनके धार्मिक पहनावे के लिए परेशान न किया जाए।





