देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के अनुभव को सुगम बनाने के लिए नई संशोधित वाहन पार्किंग नीति लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत न केवल प्रवेश द्वारों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी, बल्कि कमर्शियल वाहनों के लिए भी नियमों को काफी उदार बनाया गया है।
एंट्री टोकन और ‘समय सीमा’ का झंझट खत्म
अब तक एयरपोर्ट में प्रवेश करते समय हर वाहन को एक टोकन लेना पड़ता था और एक निश्चित समय सीमा (फ्री टाइम) से अधिक रुकने पर भारी जुर्माना या अतिरिक्त शुल्क देना होता था।
- सरल हुई प्रक्रिया: देहरादून एयरपोर्ट के निदेशक बीसीएच नेगी ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के कॉर्पोरेट मुख्यालय द्वारा जारी नई नीति के तहत अब ‘प्रवेश टोकन’ की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
- समय शुल्क की समाप्ति: पहले निर्धारित समय से ज्यादा रुकने पर लगने वाले ‘टाइम चार्ज’ को भी हटा दिया गया है। इससे यात्रियों को ड्राप-ऑफ या पिक-अप के दौरान समय की जल्दबाजी नहीं रहेगी।
कमर्शियल वाहनों को बड़ी राहत: ₹345 की जगह अब मात्र ₹80
नई नीति का सबसे बड़ा लाभ गैर-एएआई लाइसेंस प्राप्त वाणिज्यिक (कमर्शियल) वाहनों को मिला है।
- शुल्क में कटौती: पहले इन वाहनों से लेन पिकअप पर 345 रुपये का अतिरिक्त समय शुल्क वसूला जाता था, जिसे अब घटाकर मात्र 80 रुपये कर दिया गया है।
- टोल बूथों का स्थानांतरण: एयरपोर्ट परिसर के भीतर भीड़ कम करने के लिए अब टोल बूथ निर्धारित पार्किंग क्षेत्र के बाहर स्थापित किए जाएंगे। इससे मुख्य आवाजाही वाले रास्तों पर यातायात सुचारू रहेगा।
तकनीक का उपयोग और अनुशासन पर जोर
निदेशक बीसीएच नेगी के अनुसार, इस नीति में आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है ताकि पार्किंग प्रबंधन को स्मार्ट बनाया जा सके।
- भीड़ पर नियंत्रण: टोकन व्यवस्था खत्म होने से प्रवेश द्वारों पर वाहनों का जमावड़ा नहीं लगेगा, जिससे सुरक्षा जांच और प्रवेश प्रक्रिया तेज होगी।
- लापरवाही पर होगी कार्रवाई: हालांकि समय शुल्क हटा दिया गया है, लेकिन अनुशासन बनाए रखने के लिए नियम सख्त रहेंगे। यदि कोई वाहन अनधिकृत स्थान पर पार्किंग करता है या पिकअप/ड्रॉपऑफ लेन में जरूरत से ज्यादा देर तक खड़ा रहकर यातायात बाधित करता है, तो उस पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।





