गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ने अब धरती की सीमाओं को लांघकर अंतरिक्ष में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से एक अद्भुत वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री माइक फिंके पारंपरिक असमिया ‘बिहू’ नृत्य करते नजर आ रहे हैं। शून्य गुरुत्वाकर्षण (Zero Gravity) के बीच किए गए इस नृत्य ने न केवल असम बल्कि पूरे भारत को गौरवान्वित किया है।
गमछा पहनकर किया अंतरिक्ष में डांस
वायरल हो रहे वीडियो में नासा के वरिष्ठ अंतरिक्ष यात्री माइक फिंके की असमिया संस्कृति के प्रति गहरी श्रद्धा साफ दिखाई दे रही है:
- पारंपरिक वेशभूषा: फिंके ने अपने गले में असम का गौरव माना जाने वाला ‘गमछा’ पहना हुआ है।
- संगीत और ताल: वीडियो के बैकग्राउंड में बिहू का पारंपरिक लोकगीत बज रहा है, जिसकी थाप पर फिंके बड़ी कुशलता के साथ बिहू की मुद्राएं (Steps) करते दिख रहे हैं। अंतरिक्ष स्टेशन के भारहीन वातावरण में उनके द्वारा किए गए इस नृत्य को देख लोग मंत्रमुग्ध हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जताई खुशी
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा करते हुए इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
- वैश्विक पहचान: मुख्यमंत्री ने कहा, “यह देखना बेहद सुखद है कि असम की जीवंत बिहू संस्कृति अब वैश्विक मंच से आगे बढ़कर ब्रह्मांडीय स्तर पर पहुँच गई है। माइक फिंके का यह प्रयास दुनिया को हमारी परंपराओं से जोड़ने का काम करेगा।”
- असमिया संस्कृति का गौरव: सीएम ने आगे कहा कि यह वीडियो दर्शाता है कि हमारी लोक संस्कृति में भौगोलिक दूरियों को मिटाने की शक्ति है।
माइक फिंके का असम से है गहरा नाता
यह पहली बार नहीं है जब माइक फिंके ने असम के प्रति अपना लगाव दिखाया है। उल्लेखनीय है कि माइक फिंके की पत्नी रेनिता सैकिया असमिया मूल की हैं, जिसके कारण फिंके अक्सर असमिया परंपराओं और त्योहारों में रुचि लेते रहे हैं। उन्होंने पहले भी कई मौकों पर खुद को ‘असम का दामाद’ कहकर संबोधित किया है।
सोशल मीडिया पर मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया
इंटरनेट पर इस वीडियो के आते ही प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। लोग इसे “असमिया संस्कृति की वैश्विक उड़ान” बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वीडियो से न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है, बल्कि यह दुनिया भर के युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और विभिन्न संस्कृतियों के बीच सामंजस्य को समझने के लिए प्रेरित करता है।





