पटना: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण विधेयक) के लोकसभा में पारित न हो पाने को लेकर बिहार की राजधानी पटना में राजनीतिक पारा गरमा गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की महिला ब्रिगेड ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शनिवार को सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एनडीए महिला मोर्चा की सदस्य बड़ी संख्या में गांधी मैदान के पास जमा हुईं और संसद में विधेयक की राह रोकने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
कारगिल चौक पर शक्ति प्रदर्शन
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर सुबह से ही हजारों की संख्या में एनडीए समर्थक महिलाएं जुटने लगी थीं। प्रदर्शनकारियों ने कारगिल चौक को पूरी तरह घेर लिया और विपक्ष विरोधी नारों से माहौल को गर्म कर दिया।
- हाथों में पोस्टर और तख्तियां: प्रदर्शनकारी महिलाओं के हाथों में बड़ी-बड़ी तख्तियां और पोस्टर थे। एक प्रमुख पोस्टर पर लिखा था— “नारी शक्ति की झूठी कहानी, कांग्रेस की आदत पुरानी”।
- विपक्ष पर प्रहार: महिलाओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल वर्षों से महिलाओं को उनके संवैधानिक हक से वंचित रखने का प्रयास कर रहे हैं।
“अपना हक लेकर रहेंगी महिलाएं”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही महिला नेताओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि अब देश की आधी आबादी जाग चुकी है और वह अपना अधिकार छीनना जानती है।
- हक की लड़ाई: प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं के सम्मान और प्रतिनिधित्व का सवाल है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे कितनी भी बाधाएं उत्पन्न कर ले, महिलाएं अपना राजनीतिक अधिकार हासिल करके ही दम लेंगी।
- भविष्य की चेतावनी: एनडीए महिला मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष ने संसद में महिलाओं के आरक्षण के मार्ग में रोड़े अटकाना बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन केवल पटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे देश के गांव-गांव तक ले जाया जाएगा।
यातायात हुआ प्रभावित
कारगिल चौक पर हजारों महिलाओं के जुटने के कारण पटना के हृदय स्थल पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। प्रदर्शन के चलते आसपास की सड़कों पर घंटों जाम लगा रहा। पुलिस बल ने मौके पर तैनात होकर स्थिति को नियंत्रित करने और आवाजाही सुचारू करने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का जोश कम होता नहीं दिख रहा था।





