हल्द्वानी/काठगोदाम: कुमाऊं के द्वार हल्द्वानी और काठगोदाम क्षेत्र में लंबे समय से यातायात के दबाव और जाम की समस्या से जूझ रहे स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तराखंड सरकार ने काठगोदाम-अमृतपुर बाईपास मार्ग के निर्माण के लिए 18.22 करोड़ रुपये के बजट को वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस महत्वपूर्ण बाईपास के बनने से न केवल काठगोदाम बाजार में वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा।
भीमताल और भवाली जाने वालों के लिए आसान होगी राह
काठगोदाम में वर्तमान समय में नैनीताल, भीमताल और अल्मोड़ा जाने वाले वाहनों के कारण अक्सर भारी जाम लगा रहता है। इस बाईपास परियोजना की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- सीधा संपर्क: यह बाईपास काठगोदाम के पास से शुरू होकर सीधे अमृतपुर को जोड़ेगा। इससे भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल जाने वाले पर्यटकों को मुख्य काठगोदाम बाजार और रेलवे स्टेशन वाले भीड़भाड़ वाले रास्ते से नहीं गुजरना पड़ेगा।
- समय की बचत: बाईपास के चालू होने से यात्रा समय में कम से कम 20 से 30 मिनट की बचत होने का अनुमान है, जिससे ईंधन की खपत भी कम होगी।
सरकार की प्राथमिकता में शामिल था प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व में इस बाईपास के महत्व को देखते हुए इसे प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए थे।
- बजट का आवंटन: शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 18.22 करोड़ रुपये की राशि सड़क चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और आवश्यक पुलियाओं के निर्माण पर खर्च की जाएगी।
- अमृतपुर के पास कनेक्टिविटी: यह मार्ग अमृतपुर के पास मुख्य पहाड़ी सड़क से मिलेगा, जिससे रानीबाग और काठगोदाम की संकरी गलियों में होने वाली दुर्घटनाओं और जाम में काफी कमी आएगी।
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में उत्साह
बाईपास को मंजूरी मिलने से स्थानीय निवासियों ने खुशी जाहिर की है। काठगोदाम के व्यापारियों का मानना है कि बाईपास बनने से मुख्य बाजार में बेतरतीब जाम नहीं लगेगा, जिससे स्थानीय बाजार का स्वरूप भी सुधरेगा। साथ ही, आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के वाहनों को भी अब जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
लोक निर्माण विभाग (PWD) के सूत्रों के अनुसार, बजट की मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि आने वाले अगले पर्यटन सीजन तक यात्रियों को इसका लाभ मिलना शुरू हो सके।





