देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। यात्रा के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रदेश को अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ये सुरक्षा बल मई माह तक उत्तराखंड पहुँच जाएंगे, जिससे यात्रा मार्गों और धामों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जा सकेगा।
केंद्रीय गृह सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा
चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बुधवार को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के साथ एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक की। बैठक के दौरान गृह सचिव ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार इस यात्रा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने राज्य शासन को आश्वासन दिया कि सुरक्षा बलों की तैनाती में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय गृह सचिव ने यात्रा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी ली, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विषय शामिल थे:
- सुरक्षा और यातायात प्रबंधन: भीड़ को नियंत्रित करने और वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए बनाई गई योजनाओं की समीक्षा की गई।
- स्वास्थ्य और हेली सेवाएं: यात्रियों को आपातकालीन स्थिति में मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं और हेलीकॉप्टर सेवाओं की उपलब्धता पर चर्चा हुई।
- आपदा प्रबंधन: हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों और रिस्पॉन्स टीम की तैनाती का जायजा लिया गया।
- आधारभूत सुविधाएं: श्रद्धालुओं के ठहरने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के प्रबंधों पर भी रिपोर्ट ली गई।
लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि
उल्लेखनीय है कि चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुँचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले यात्रियों की सुरक्षा केंद्र और राज्य सरकार दोनों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। हाल ही में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने स्वयं उत्तराखंड का दौरा कर धरातल पर तैयारियों का जायजा भी लिया था।
मई में तैनात होगा अतिरिक्त बल
मई माह में यात्रा के चरम पर पहुँचने से पहले ही अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां मोर्चा संभाल लेंगी। इससे न केवल स्थानीय पुलिस का बोझ कम होगा, बल्कि संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने केंद्र के इस सहयोग का स्वागत करते हुए विश्वास जताया है कि इस बार की यात्रा पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम होगी।





