नई दिल्ली/श्रीनगर: सीमा पार से भारत में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान ने एक बार फिर नापाक साजिश रची है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान की गुप्तचर संस्था ISI और वहां की सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगभग 70 आतंकी लॉन्चपैड को सक्रिय कर दिया है। इन ठिकानों पर करीब 800 प्रशिक्षित आतंकियों को इकट्ठा किया गया है, जिन्हें किसी भी समय भारतीय सीमा में घुसपैठ कराने की तैयारी है।
रणनीति में बदलाव: ‘मल्टी-डायरेक्शनल’ घुसपैठ की योजना
खुफिया एजेंसियों द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस बार पाकिस्तान ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। हाल के महीनों में भारतीय सेना द्वारा लगातार नाकाम की गई घुसपैठ की कोशिशों के बाद, अब वह समन्वित और बहु-दिशात्मक (Multi-directional) हमला करने की फिराक में है।
- छोटे समूहों में घुसपैठ: इन आतंकियों को 10 से 15 के छोटे-छोटे समूहों में बांटा गया है। योजना यह है कि जम्मू-कश्मीर में एक साथ कई अलग-अलग स्थानों से घुसपैठ कराई जाए ताकि भारतीय सुरक्षा बलों का ध्यान भटक जाए और उन पर दबाव बनाया जा सके।
- घातक हथियार: घुसपैठ के लिए तैयार ये आतंकी आधुनिक हथियारों से लैस हैं और उनका मुख्य उद्देश्य घाटी के भीतर पहुंचकर बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देना है।
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का लाभ उठाने की कोशिश
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान वर्तमान अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक परिस्थितियों और भारत की आंतरिक राजनीतिक गतिविधियों का फायदा उठाना चाहता है। सीमा पार की हलचल विशेष रूप से लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास पिछले कुछ दिनों में काफी तेज देखी गई है, जो इस बात का संकेत है कि पाक सेना आतंकियों को कवर फायर देने की तैयारी में भी हो सकती है।
भारतीय सेना का ‘कवच’ तैयार: निगरानी हुई सख्त
पाकिस्तान की इस नई चाल को भांपते हुए भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर चौकसी को कई गुना बढ़ा दिया है।
- कड़ी घेराबंदी: घुसपैठ के संवेदनशील रास्तों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है और आधुनिक तकनीक व नाइट विजन उपकरणों से हर हरकत पर नजर रखी जा रही है।
- पिछले अनुभवों से सीख: सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि पिछले अनुभवों के आधार पर घुसपैठ की हर संभावित कोशिश को विफल करने के लिए एक मजबूत ‘एन्टी-इंफिल्ट्रेशन ग्रिड’ तैयार किया गया है।





