देहरादून: उत्तराखंड सरकार आगामी वर्ष में आयोजित होने वाले महाकुंभ और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने जा रही है। इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शासन स्तर पर 800 से अधिक नए होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह कदम राज्य की कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और आगामी बड़े आयोजनों को निर्बाध रूप से संपन्न कराने की दृष्टि से अत्यंत अहम माना जा रहा है।
वित्त विभाग के अनुमोदन का इंतजार
होमगार्ड विभाग द्वारा तैयार किए गए इस भर्ती प्रस्ताव को वर्तमान में अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा गया है। वित्त विभाग से वित्तीय अनुमोदन प्राप्त होते ही भर्ती की औपचारिक प्रक्रिया और विज्ञप्ति जारी करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। शासन की मंशा है कि इन महत्वपूर्ण आयोजनों से पहले जवानों को प्रशिक्षित कर फील्ड में तैनात कर दिया जाए।
क्यों जरूरी है होमगार्ड्स की नई भर्ती?
प्रदेश की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में होमगार्ड के जवान एक रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करते हैं। उनकी बढ़ती आवश्यकता के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:
- बहुआयामी भूमिका: होमगार्ड के जवान न केवल पुलिस के साथ आंतरिक सुरक्षा में कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं, बल्कि यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और चारधाम यात्रा के दौरान भी अग्रिम पंक्ति में तैनात रहते हैं।
- चतुर्थ श्रेणी पदों की कमी: विभिन्न सरकारी विभागों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर लंबे समय से नई भर्तियां न होने के कारण, अधिकांश कार्यालयों और महत्वपूर्ण स्थानों पर होमगार्ड के जवान ही इन जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
- बड़े आयोजनों का दबाव: अगले वर्ष होने वाले कुंभ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ और विधानसभा चुनावों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल की भारी आवश्यकता होगी।
युवाओं के लिए रोजगार का अवसर
इस प्रस्तावित भर्ती से न केवल राज्य की सुरक्षा दीवार मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी सेवा से जुड़ने का एक बड़ा अवसर भी पैदा होगा। होमगार्ड मुख्यालय ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने का खाका तैयार कर लिया है, ताकि चुनाव और कुंभ जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बल के पास पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित जवान उपलब्ध हों।





