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कौसानी में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन का आगाज: पर्यटकों को परोसा जाएगा चूल्हे का जायका, गैस किल्लत के बीच नई तैयारी

कौसानी (बागेश्वर): पहाड़ों की रानी और ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से विख्यात कौसानी में आज से ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। 15 अप्रैल से 15 जून तक चलने वाले इस दो महीने के मुख्य सीजन को लेकर जिले के होटल व्यवसायियों, गेस्ट हाउस संचालकों और अन्य पर्यटन कारोबारियों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार पर्यटकों के लिए एक खास आकर्षण पारंपरिक पहाड़ी अनुभव होगा, जिसमें उन्हें चूल्हे पर बना शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन परोसने की योजना बनाई जा रही है।

गैस सिलेंडरों की कमी बनी चुनौती

जहाँ एक ओर पर्यटन सीजन को लेकर व्यापारियों में खासा उत्साह है, वहीं दूसरी ओर गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में आई कमी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है।

  • पारंपरिक विकल्प: गैस की किल्लत को देखते हुए कई होम-स्टे और होटल संचालकों ने चूल्हे का उपयोग करने का निर्णय लिया है।
  • पर्यटकों का आकर्षण: व्यापारियों का मानना है कि चूल्हे पर बना पारंपरिक पहाड़ी भोजन न केवल गैस की कमी का विकल्प बनेगा, बल्कि पर्यटकों को उत्तराखंड की संस्कृति और खान-पान का वास्तविक अनुभव भी प्रदान करेगा।

सुहावना मौसम और धुंध का साया

इस वर्ष पहाड़ों में हुई औसत वर्षा और हिमपात के कारण वर्तमान में मौसम काफी खुशनुमा बना हुआ है। तपती गर्मी से राहत पाने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों के कौसानी पहुँचने की उम्मीद है। हालांकि, जंगलों में लग रही आग (वनाग्नि) की घटनाओं ने प्रशासन और पर्यटकों की चिंता थोड़ी बढ़ा दी है, क्योंकि इसके कारण वातावरण में हल्की धुंध छाई हुई है जिससे हिमालय के स्पष्ट दृश्यों (Views) में बाधा आ रही है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था का आधार

अप्रैल से जून तक चलने वाला यह सीजन स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के लिए आर्थिक दृष्टि से जीवनरेखा माना जाता है।

  • आजीविका: जिले के सैकड़ों परिवारों की सालभर की कमाई इसी दो महीने के पर्यटन सीजन पर निर्भर करती है।
  • तैयारियां: पर्यटकों के स्वागत के लिए होटलों के नवीनीकरण से लेकर गाइड्स और टैक्सी संचालकों ने भी अपनी सेवाओं को चुस्त-दुरुस्त कर लिया है।

प्रशासन को उम्मीद है कि गर्मियों की छुट्टियों के चलते इस बार पर्यटकों की संख्या पिछले वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ सकती है, जिससे स्थानीय बाजार और हस्तशिल्प कारोबार को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा।

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