नई दिल्ली। ‘वर्ल्ड फूड इंडिया 2025’ के अवसर पर गुरुवार को रूस के उपप्रधानमंत्री दिमित्री पेत्रुशेव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और उर्वरक सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर विचार-विमर्श किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान कहा कि भारत और रूस के बीच दशकों से चले आ रहे रणनीतिक संबंध अब कृषि और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी मजबूत आधार पा रहे हैं। उन्होंने रूस के साथ भारत की ‘विन-विन पार्टनरशिप’ को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। मोदी ने विशेष रूप से उर्वरक उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि वे भारत में होने वाले 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 के अवसर पर रूस के उपप्रधानमंत्री दिमित्री पेत्रुशेव से मिलकर प्रसन्नता हुई। हमने कृषि, उर्वरक और खाद्य प्रसंस्करण में हमारे विन-विन सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।”
ज्ञात हो कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की गहरी नींव रही है। रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए हाल के वर्षों में दोनों देशों ने कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और विज्ञान-तकनीक में भी साझेदारी को नया आयाम दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग न केवल द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





