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अल्मोड़ा: श्मशान घाट पर जयमाला की रस्म ने खड़ा किया विवाद; रिजॉर्ट प्रबंधक को नोटिस जारी, तहसीलदार ने लिखित जवाब मांगा

सल्ट/रानीखेत (अल्मोड़ा): उत्तराखंड के मरचूला क्षेत्र में एक डेस्टिनेशन वेडिंग के दौरान मर्यादाओं को ताक पर रखने का मामला सामने आया है। रामगंगा और बदनगढ़ नदी के संगम पर स्थित श्मशान घाट को शादी की रस्म के लिए चुनने पर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सल्ट तहसील प्रशासन ने संबंधित रिजॉर्ट प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर रिजॉर्ट के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, भड़का गुस्सा

मामले की शुरुआत रविवार को हुई, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में कुछ पर्यटक श्मशान घाट के पास बने संगम स्थल पर ‘जयमाला’ की रस्म अदा करते नजर आ रहे थे।

  • पवित्रता का उल्लंघन: स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। लोगों का कहना है कि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील और पवित्र स्थान पर इस तरह के आयोजन करना धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय संस्कृति का अपमान है।
  • डेस्टिनेशन वेडिंग का मामला: बताया जा रहा है कि एक रिजॉर्ट में ठहरे पर्यटकों ने अपनी शादी के फोटो और वीडियो के लिए इस संगम स्थल को चुना और वहीं रस्म निभा दी।

तहसीलदार का सख्त रुख: मौखिक नहीं, लिखित में दें जवाब

घटना की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन ने उप राजस्व निरीक्षक (पटवारी) की रिपोर्ट के आधार पर रिजॉर्ट प्रबंधक राकेश शर्मा को नोटिस थमा दिया।

  1. तीन दिन की मोहलत: नोटिस में प्रबंधक से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
  2. तहसीलदार की फटकार: बुधवार को रिजॉर्ट प्रबंधक राकेश शर्मा अपना पक्ष रखने सल्ट तहसील कार्यालय पहुँचे। हालांकि, तहसीलदार आबिद अली ने उन्हें मौखिक जवाब सुनने से मना कर दिया। तहसीलदार ने कड़े शब्दों में कहा कि यह मामला गंभीर है, इसलिए इसका जवाब केवल लिखित रूप में ही स्वीकार किया जाएगा।

बिना अनुमति श्मशान घाट पर गतिविधि पर सवाल

तहसीलदार सल्ट आबिद अली ने बताया कि श्मशान घाट एक सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान है, जहाँ इस तरह की निजी गतिविधियों के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी।

  • गंभीर लापरवाही: प्रशासन का मानना है कि रिजॉर्ट प्रबंधन ने पर्यटकों को सही जानकारी नहीं दी या जानबूझकर नियमों की अनदेखी की।
  • कार्रवाई की चेतावनी: तहसीलदार ने स्पष्ट किया है कि यदि तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब नहीं दिया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो नियमानुसार रिजॉर्ट का लाइसेंस रद्द करने या भारी जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

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