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चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी की ‘लाइफलाइन’, इसे राजनीति की भेंट न चढ़ाएं: मुख्यमंत्री धामी की विधानसभा में भावुक अपील

देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की महत्वपूर्ण चारधाम यात्रा और मदरसों में आधुनिक शिक्षा को लेकर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा न केवल करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार भी है। उन्होंने यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही नकारात्मकता पर चिंता व्यक्त करते हुए विपक्षी दलों और अन्य लोगों से इसे राजनीति से दूर रखने का आह्वान किया।

चारधाम यात्रा का विरोध अनुचित: मुख्यमंत्री की खरी-खरी

सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो सोशल मीडिया और रील्स के माध्यम से यात्रा की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

  • राजनीति से ऊपर उठें: मुख्यमंत्री ने कहा, “लोकतंत्र में आपको सरकार की नीतियों का विरोध करने का पूरा अधिकार है। आप मेरा विरोध कर सकते हैं, बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन अपनी राजनीति चमकाने के लिए हमारी पवित्र चारधाम यात्रा का विरोध न करें।”
  • आस्था की कठिन यात्रा: उन्होंने जोर देकर कहा कि केदारनाथ धाम महादेव का पावन स्थल है और यह यात्रा सामूहिक आस्था का प्रतीक है। सरकार पूरी निष्ठा के साथ इस यात्रा को सकुशल और सुगम बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है।

आर्थिकी की लाइफलाइन है चारधाम यात्रा

मुख्यमंत्री धामी ने यात्रा के आर्थिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसे प्रदेश के लिए जीवनदायिनी बताया।

  • रोजगार का जरिया: उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी के लिए ‘लाइफलाइन’ की तरह काम करती है। हजारों स्थानीय परिवारों का रोजगार, होटल व्यवसाय, परिवहन और छोटे व्यापारियों का जीवन इसी यात्रा पर टिका है।
  • नकारात्मकता से बचें: मुख्यमंत्री ने अपील की कि यात्रा के बारे में नकारात्मक बातें फैलाकर प्रदेश का नुकसान न करें, बल्कि यात्रियों को प्रोत्साहित करें ताकि उत्तराखंड की छवि विश्व पटल पर और बेहतर हो सके।

मदरसों में आधुनिक शिक्षा पर जोर

चारधाम यात्रा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मदरसों में सुधार और वहां दी जाने वाली शिक्षा के आधुनिकीकरण पर भी अपनी राय रखी।

  1. मुख्यधारा से जुड़ाव: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मदरसों में पारंपरिक धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान, गणित और कंप्यूटर जैसे आधुनिक विषयों को अनिवार्य करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
  2. समान अवसर: सरकार की मंशा है कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के एक हाथ में कुरान हो तो दूसरे में लैपटॉप, ताकि वे भी देश के विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर सम्मानजनक पदों पर पहुँचें।

सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि वर्तमान यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

  • ग्राउंड जीरो पर निगरानी: सरकार यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात प्रबंधन की लगातार निगरानी कर रही है।
  • जनसहयोग की अपील: उन्होंने सभी विधायकों और राजनीतिक दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर यात्रा को सफल बनाने में सहयोग माँगा।

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