नई दिल्ली: उत्तर और मध्य भारत सहित देश के अधिकांश हिस्से इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं। सूर्य की तपिश के कारण कई राज्यों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर चुका है। हालांकि, इस बार मौसम वैज्ञानिकों की चिंता केवल दिन के बढ़ते तापमान को लेकर नहीं है, बल्कि रात के समय होने वाली असामान्य गर्मी (वार्म नाइट) ने प्रशासन और आम जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक रातें भी झुलसाने वाली बनी रहेंगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की गुंजाइश कम है।
शरीर को नहीं मिल पा रहा रिकवरी का समय
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ‘गर्म रात’ (Warm Night) की स्थिति स्वास्थ्य के लिए दिन की लू से भी अधिक खतरनाक हो सकती है।
- तापमान का गणित: दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
- स्वास्थ्य पर असर: आमतौर पर रात के समय तापमान गिरने से मानव शरीर को दिन की गर्मी से उबरने और ठंडा होने का समय मिलता है। लेकिन न्यूनतम तापमान के सामान्य से अधिक रहने के कारण शरीर को वह ‘कूलिंग पीरियड’ नहीं मिल पा रहा है, जिससे हीट स्ट्रोक और थकान का खतरा बढ़ गया है।
दिल्ली में टूटे रिकॉर्ड: औसत से ऊपर बना हुआ है पारा
देश की राजधानी दिल्ली में इस वर्ष अप्रैल के महीने ने गर्मी के पुराने प्रतिमानों को पीछे छोड़ दिया है।
- असामान्य न्यूनतम तापमान: मौसम विभाग के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली में रात का तापमान लगातार सामान्य स्तर से ऊंचा बना हुआ है।
- तुलनात्मक अध्ययन: इस महीने के अधिकांश दिनों में न्यूनतम तापमान वर्ष 1991-2020 के सामान्य स्तर और पिछले पांच वर्षों (2020-2025) के औसत, दोनों से अधिक दर्ज किया गया है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि शहरी क्षेत्रों में ‘हीट आइलैंड’ प्रभाव के कारण रातें ठंडी नहीं हो पा रही हैं।
इन राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए व्यापक अलर्ट जारी किया है।
- उत्तर प्रदेश और हरियाणा: यहाँ के कई जिलों में रात का पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री तक अधिक रह सकता है।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश: इन राज्यों के कुछ हिस्सों में रात के समय भी गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
बचाव के लिए विशेषज्ञों की सलाह
लगातार बढ़ती गर्मी और गर्म रातों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है:
- हाइड्रेशन: दिन के साथ-साथ रात में भी पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
- वेंटिलेशन: घरों के भीतर हवा के आवागमन (Cross Ventilation) को बनाए रखें ताकि कमरे के भीतर उमस कम हो सके।
- सतर्कता: यदि रात के समय चक्कर आना या अत्यधिक घबराहट महसूस हो, तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।





