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बंगाल चुनाव: डायमंड हार्बर में ‘धांधली’ के आरोप से बढ़ा सियासी पारा; EVM में भाजपा के बटन पर टेप चिपकाने का दावा, पुनर्मतदान की मांग

कोलकाता/दक्षिण 24 परगना: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान दक्षिण 24 परगना जिले के हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्र ‘डायमंड हार्बर’ में भारी हंगामा खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर चुनावी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली करने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख और पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने दावा किया है कि कई मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में भाजपा के चुनाव चिह्न वाले बटन को जानबूझकर टेप लगाकर ढक दिया गया है, ताकि मतदाता कमल के निशान पर वोट न दे सकें।

अमित मालवीय का प्रहार: “यही है डायमंड हार्बर मॉडल”

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस कथित धांधली के वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए ममता बनर्जी सरकार को आड़े हाथों लिया।

  • बटन ढकने का आरोप: मालवीय ने दावा किया कि फाल्टा और डायमंड हार्बर के कई बूथों पर ईवीएम मशीनों में भाजपा के विकल्प पर टेप चिपका दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह मतदाताओं को उनकी पसंद का वोट देने से रोकने की एक सोची-समझी साजिश है।
  • उम्मीदवार की पृष्ठभूमि पर सवाल: उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे फाल्टा सीट से आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार जहांगीर खान का समर्थन इसीलिए कर रही थीं ताकि बाहुबल के दम पर चुनाव जीता जा सके।

अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना

मालवीय ने इस स्थिति की तुलना लोकसभा चुनावों से करते हुए इसे ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ करार दिया।

  • भतीजे का जिक्र: उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह की गड़बड़ियों और धांधली की मदद से ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को यह लोकसभा सीट जीतने में मदद मिली थी।
  • लोकतंत्र की हत्या: भाजपा नेता ने चुनाव आयोग से मांग की है कि प्रभावित मतदान केंद्रों पर तत्काल मतदान रद्द किया जाए और वहां कड़ी सुरक्षा के बीच पुनर्मतदान (Re-polling) कराया जाए।

क्या है ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ का विवाद?

भाजपा लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि डायमंड हार्बर क्षेत्र में टीएमसी अपने विरोधियों को न तो नामांकन करने देती है और न ही मतदाताओं को स्वतंत्र रूप से वोट डालने देती है।

  1. भाजपा का तर्क: भाजपा का कहना है कि जब मशीनों में बटन ही काम नहीं करेंगे या उन्हें ढक दिया जाएगा, तो निष्पक्ष चुनाव का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
  2. टीएमसी का पलटवार: दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि हार के डर से भाजपा अब बेबुनियाद बहाने बना रही है और अपनी संभावित विफलता का दोष ईवीएम पर मढ़ रही है।

चुनाव आयोग की सक्रियता

इन गंभीर शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने स्थानीय चुनाव अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

  • जांच के आदेश: सेक्टर अधिकारियों को उन मतदान केंद्रों पर भेजा गया है जहाँ से टेप चिपकाने की शिकायतें मिली थीं।
  • सुरक्षा बलों की तैनाती: तनाव को देखते हुए डायमंड हार्बर के संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की गश्त बढ़ा दी गई है।

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