वाशिंगटन/नई दिल्ली। भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक शुरू करने की अनुमति का इंतजार कर रहे अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने एक बार फिर भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी पर निशाना साधा है। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अंबानी को संबोधित करते हुए तंज कसा और आरोप लगाया कि भारत में एकाधिकार बनाए रखने के लिए स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा करने से रोका जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी नियामक प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया है।
अंबानी पर मस्क का तंज
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क ने लगातार दूसरे दिन मुकेश अंबानी को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने अपने पोस्ट में अंबानी को भारत का असली ताकतवर व्यक्ति बताने के अंदाज में सवाल उठाया कि क्या स्टारलिंक को भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी।
इससे पहले मस्क ने आरोप लगाया था कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी भारत में अपना एकाधिकार बनाए रखने के लिए स्टारलिंक की सेवाओं की शुरुआत में बाधा डाल रहे हैं। मस्क का कहना है कि स्टारलिंक के आने से उन लोगों को तेज इंटरनेट मिल सकता है, जहां अभी इंटरनेट की सुविधा सीमित है या उपलब्ध नहीं है।
सरकार ने आरोपों को बताया निराधार
मस्क के आरोपों पर भारत के संचार मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश में सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए नियामक ढांचा निष्पक्ष और भेदभाव रहित है। मंत्रालय के अनुसार, तीन सैटेलाइट संचार कंपनियां लगभग एक ही नियामक चरण में हैं और उन्हें सुरक्षा संबंधी मंजूरियां पूरी करनी हैं।
सरकार ने कहा कि नियामक प्रक्रिया में भेदभाव किए जाने का आरोप निराधार है। स्टारलिंक को भारत में व्यावसायिक सेवा शुरू करने के लिए आवश्यक सुरक्षा मंजूरी और स्पेक्ट्रम आवंटन जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंचाने का दावा
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की स्टारलिंक सेवा उपग्रहों के जरिए इंटरनेट उपलब्ध कराती है। कंपनी का दावा है कि इससे दूरदराज के गांवों, पहाड़ी क्षेत्रों, विद्यार्थियों और छोटे कारोबारियों को लाभ मिल सकता है।
हालांकि, भारत में सेवा शुरू होने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर मस्क और भारतीय नियामक व्यवस्था के बीच विवाद चर्चा में है।





