नई दिल्ली। भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी कानून विशेषज्ञ नवानाथेम ‘नावी’ पिल्लई को वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है। नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को उनके नाम की घोषणा की। उन्हें यह सम्मान शांति, मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया है।
85 वर्षीय नावी पिल्लई का जन्म दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर में भारतीय तमिल मूल के परिवार में हुआ था। उनके परिवार की जड़ें भारत के तमिलनाडु राज्य से जुड़ी हैं। रंगभेद के दौर में पली-बढ़ीं पिल्लई ने कानून के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई और नस्लीय भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई।
रंगभेद के खिलाफ संघर्ष से शुरू हुआ सफर
नावी पिल्लई ने अपने कानूनी करियर के दौरान रंगभेद व्यवस्था का विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं का बचाव किया। वर्ष 1967 में उन्होंने नटाल प्रांत में अपनी कानूनी प्रैक्टिस शुरू की। वह दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ संघर्ष और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए जानी जाती हैं।
अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था में निभाई अहम भूमिका
पिल्लई ने रवांडा के लिए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण में न्यायाधीश और अध्यक्ष के रूप में काम किया। इस दौरान यौन हिंसा और बलात्कार को नरसंहार तथा मानवता के खिलाफ अपराधों के रूप में मान्यता देने से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांतों के विकास में उनकी भूमिका रही।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में भी न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा, वर्ष 2008 से 2014 तक वह संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त रहीं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों को उठाया।
अंतरराष्ट्रीय कानून के महत्व पर जोर
नोबेल समिति ने अपने फैसले में कहा कि नावी पिल्लई ने युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और नरसंहार के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उनकी उपलब्धि को मानवाधिकारों और न्याय के क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों की वैश्विक मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून के शासन और मानव गरिमा की रक्षा के महत्व को भी रेखांकित करता है।
नोबेल शांति पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित किया जाएगा।





