Top 5 This Week

Related Posts

भारत-सिंगापुर के निवेश संबंधों को मजबूती देंगी निर्मला सीतारमण, तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचीं वित्त मंत्री

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सिंगापुर पहुंचीं। 9 से 11 अक्टूबर तक चलने वाली इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग को और मजबूत करना है। इस दौरान वित्त मंत्री सिंगापुर के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व, वैश्विक निवेशकों और प्रमुख उद्योगपतियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें करेंगी।

सिंगापुर के शीर्ष नेताओं से करेंगी मुलाकात

यात्रा के दौरान निर्मला सीतारमण सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम, प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, उप प्रधानमंत्री गन किम योंग और विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात करेंगी। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने और निवेश के नए अवसर तलाशने पर चर्चा होगी।

सेमीकंडक्टर और डिजिटल वित्त पर रहेगा जोर

वित्त मंत्री की इस यात्रा में सेमीकंडक्टर, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल वित्तीय कनेक्टिविटी, पूंजी बाजार, कराधान, कौशल विकास और विमानन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र प्रमुख रहेंगे। इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर भारत में नई परियोजनाओं और निवेश को आकर्षित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

सीतारमण वैश्विक निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी करेंगी। इसके अलावा हेज फंड और पोर्टफोलियो फंड प्रबंधकों के साथ गोलमेज चर्चा में हिस्सा लेकर भारत की आर्थिक विकास संभावनाओं और निवेश के अवसरों को सामने रखेंगी।

भारत में निवेश का सबसे बड़ा स्रोत सिंगापुर

सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। अप्रैल 2000 से मार्च 2026 के बीच सिंगापुर से भारत में लगभग 194.68 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया। सिंगापुर के प्रमुख संस्थागत निवेशकों में जीआईसी और टेमासेक शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया है।

भारत सरकार का लक्ष्य इन निवेश संबंधों को और विस्तार देना तथा विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार में उपलब्ध अवसरों से जोड़ना है। इसके लिए वित्त मंत्रालय अन्य संबंधित मंत्रालयों, उद्योग संगठनों और राज्य सरकारों के साथ समन्वय करेगा।

आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई दिशा

भारत और सिंगापुर के बीच मजबूत आर्थिक संबंध दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं। वित्त मंत्री की इस यात्रा से निवेश, तकनीकी सहयोग और व्यापारिक साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से उभरती तकनीकों, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक विनिर्माण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से भारत की विकास योजनाओं को लाभ मिल सकता है।

Popular Articles