उत्तरकाशी/मुखबा: उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के शुभ शुभारंभ की घड़ियाँ समीप आ गई हैं। इसी कड़ी में आज शनिवार को माँ गंगा की भोगमूर्ति अपने शीतकालीन प्रवास मुखबा (मुखिमठ) से गंगोत्री धाम के लिए हर्षोल्लास के साथ रवाना होगी। आर्मी बैंड की धुनों और पारंपरिक ढोल-दमाऊ की गूँज के बीच हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में माँ गंगा की विदाई का यह दृश्य अत्यंत भव्य और भावुक कर देने वाला होगा।
अभिजीत मुहूर्त में प्रस्थान
पंचांग और धार्मिक गणना के अनुसार, माँ गंगा की विग्रह डोली शनिवार दोपहर को अभिजीत मुहूर्त में अपने शीतकालीन पड़ाव से गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान करेगी। डोली को सजाने और उत्सव की तैयारियां सुबह से ही पूर्ण कर ली गई हैं। तीर्थ पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच माँ गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी, जिसके बाद डोली अपने गंतव्य की ओर बढ़ेगी।
नम आँखों से विदाई और पारंपरिक भोग
मुखबा गाँव के ग्रामीणों के लिए यह दिन खुशियों के साथ-साथ भावुकता भरा भी होता है।
- विदाई की परंपरा: छह माह तक अपने बीच रहने के बाद, ग्रामीण माँ गंगा को अपनी बेटी की तरह विदा करते हैं। इस अवसर पर माँ गंगा को स्थानीय फाफरे का भोग और कल्यो (कंडा) अर्पित किया जाता है।
- भावुक माहौल: गाँव की महिलाएं पारंपरिक मंगल गीत गाकर माँ गंगा को नम आँखों से विदा करती हैं, जो अगले छह महीनों के लिए गंगोत्री धाम में विराजमान रहेंगी।
19 अप्रैल को खुलेंगे धाम के कपाट
गंगोत्री धाम की डोली आज रात्रि विश्राम के लिए भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर में रुकेगी। इसके पश्चात:
- कपाट उद्घाटन: रविवार, 19 अप्रैल को सुबह शुभ मुहूर्त में गंगोत्री मंदिर के कपाट देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
- सुरक्षा एवं व्यवस्था: डोली की अगुवाई भारतीय सेना का बैंड कर रहा है, जो यात्रा के उत्साह को दोगुना कर रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज
गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज हो जाएगा। गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की पहाड़ियों में ‘जय माँ गंगे’ के जयकारों की गूँज सुनाई देने लगेगी। हजारों की संख्या में तीर्थयात्री पहले से ही उत्तरकाशी पहुँच चुके हैं, जो इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण के साक्षी बनने के लिए उत्साहित हैं।





