नई दिल्ली: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की महिला सांसदों ने संसद परिसर में एकजुट होकर प्रदर्शन किया और महिला आरक्षण के मार्ग में बाधा डालने वाली ताकतों के खिलाफ आवाज बुलंद की।
महिलाओं के अधिकार के लिए हम प्रतिबद्ध: किरेन रिजिजू
संसद में चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए संकल्पित है।
- निरंतर संघर्ष: रिजिजू ने कहा, “महिलाओं के अधिकारों और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व की लड़ाई दशकों पुरानी है, जिसे हमारी सरकार अब निर्णायक अंजाम तक ले जा रही है। यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक हर महिला को नीति-निर्धारण में उसका उचित स्थान नहीं मिल जाता।”
- विपक्ष पर कटाक्ष: उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, उन्होंने अपने शासनकाल में इस विधेयक को केवल ठंडे बस्ते में डालने का काम किया।
संसद परिसर में गूँजे ‘नारी शक्ति’ के नारे
सदन के भीतर जब चर्चा चल रही थी, ठीक उसी समय संसद भवन के परिसर में एनडीए (NDA) की महिला सांसदों ने एक विशाल प्रदर्शन किया।
- शक्ति प्रदर्शन: भाजपा और सहयोगी दलों की महिला सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया, जिन पर महिला सशक्तिकरण और मोदी सरकार के प्रति आभार के संदेश लिखे थे।
- विपक्ष की घेराबंदी: प्रदर्शनकारी सांसदों ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल ‘जाति जनगणना’ और अन्य तकनीकी बहाने बनाकर महिलाओं के हक में देरी करने की कोशिश कर रहे हैं। सांसदों ने एकजुट होकर कहा कि देश की महिलाएं अब और अधिक इंतजार करने के मूड में नहीं हैं।
ऐतिहासिक संशोधन पर सबकी नजर
संसद में इस समय विधेयक के उन संशोधनों पर बहस हो रही है जो इसके प्रभावी क्रियान्वयन की समयसीमा और तकनीकी पहलुओं से जुड़े हैं। सत्ता पक्ष का दावा है कि ये संशोधन आरक्षण को और अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाएंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सांसदों के प्रदर्शन और सदन में चल रही गरमागरम बहस को देखते हुए संसद परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वरिष्ठ मंत्रियों का सदन में आना-जाना जारी है और कयास लगाए जा रहे हैं कि आज शाम तक इस महत्वपूर्ण संशोधन पर मतदान की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।





