अमरावती। आंध्र प्रदेश में अचानक उत्पन्न ईंधन संकट के कारण राज्यभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे बन गए कि राज्य के 421 पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से बंद करने पड़े, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य में कुल लगभग 4,510 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में पंप ईंधन आपूर्ति बाधित होने के कारण बंद हो गए। इसके चलते कई शहरों और कस्बों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं।
बढ़ी मांग बनी मुख्य वजह
अधिकारियों ने बताया कि ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं हुई है, बल्कि पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) के कारण स्थिति गंभीर हो गई। सामान्य दिनों की तुलना में पेट्रोल और डीजल की मांग अचानक बढ़ गई, जिससे उपलब्ध स्टॉक तेजी से खत्म होने लगा।
जहाँ सामान्य रूप से प्रतिदिन लगभग 6,330 किलोलीटर पेट्रोल और 9,048 किलोलीटर डीजल की बिक्री होती है, वहीं हाल के दिनों में यह आंकड़ा बढ़कर क्रमशः 10,345 किलोलीटर पेट्रोल और 14,156 किलोलीटर डीजल तक पहुंच गया।
मुख्यमंत्री ने दिए तत्काल निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और ईंधन आपूर्ति बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और आपूर्ति व्यवस्था जल्द सामान्य की जाए।
आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ईंधन आपूर्ति में लगभग 10 प्रतिशत वृद्धि की गई है, लेकिन अचानक बढ़ी मांग के कारण राहत तुरंत दिखाई नहीं दे रही। कई स्थानों पर अब भी पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ बनी हुई है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन खरीदें। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य की जा रही है और जल्द ही स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।





