प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के नवीनतम संस्करण में देश की विकास यात्रा, ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों और आगामी जनगणना-2027 पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि भारत सामूहिक प्रयासों से नए विकास मानक स्थापित कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना देश की विकास नीतियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इसे “भविष्य की योजना निर्माण की आधारशिला” बताते हुए नागरिकों से सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की। उनके अनुसार सटीक आंकड़े सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी बनाने में मदद करेंगे।
ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार से देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंच और ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने आम नागरिकों, वैज्ञानिकों, किसानों और युवाओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी से संभव हुई है। उन्होंने युवाओं से नवाचार, तकनीक और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय उत्पादों के उपयोग और सामाजिक जागरूकता अभियानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने नागरिकों से ‘वोकल फॉर लोकल’ और सतत विकास के सिद्धांतों को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित करेगा और इसके लिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सकारात्मक सोच, सामूहिक प्रयास और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया।





