वॉशिंगटन/नई दिल्ली:
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में आयोजित प्रतिष्ठित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कार्यक्रम स्थल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति ने गोलीबारी कर दी। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना वॉशिंगटन हिल्टन होटल में हुई, जहां राष्ट्रपति ट्रंप, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, कैबिनेट सदस्य और बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावर ने सुरक्षा जांच चौकी के पास तैनात एक सीक्रेट सर्विस एजेंट पर गोली चलाई। एजेंट बुलेटप्रूफ सुरक्षा उपकरण के कारण गंभीर रूप से घायल होने से बच गया।
अमेरिकी कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने बताया कि जांच एजेंसियों को संदेह है कि हमलावर का निशाना ट्रंप प्रशासन के अधिकारी थे और संभवतः राष्ट्रपति भी उसके लक्ष्य में शामिल थे। आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ संघीय अदालत में हत्या के प्रयास तथा संघीय अधिकारी पर हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
घटना के तुरंत बाद सीक्रेट सर्विस ने सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय करते हुए राष्ट्रपति और कार्यक्रम में मौजूद अन्य विशिष्ट अतिथियों को बाहर निकाला। अधिकारियों के अनुसार हमलावर को मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पहले ही काबू कर लिया गया, जिससे बड़ी घटना टल गई।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में बयान जारी करते हुए हमले को “लोन वुल्फ” यानी अकेले हमलावर की कार्रवाई बताया और कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से स्थिति संभाली। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से संभावित खतरा टल गया।
इस घटना के बाद अमेरिका में राष्ट्रपति और उच्चस्तरीय कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के सुरक्षा मानकों की पुनः समीक्षा आवश्यक हो गई है।
फिलहाल जांच एजेंसियां हमलावर की पृष्ठभूमि, मकसद और संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं और कार्यक्रम से जुड़े सभी लोगों को किसी गंभीर नुकसान की सूचना नहीं है।




