कोलकाता, संवाददाता।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के जगद्दल क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित रैली से पहले रविवार को हिंसा भड़क उठी। इलाके में बमबाजी और फायरिंग की घटनाओं से तनाव फैल गया, जिसमें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का एक जवान घायल हो गया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री की सभा से पूर्व राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। इसी दौरान दो गुटों के बीच विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि उपद्रवियों ने देसी बम फेंके और गोलियां चलाईं, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा बलों ने स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन हिंसा में एक CISF जवान घायल हो गया।
घायल जवान को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिंसा में शामिल संदिग्धों की पहचान की जा रही है और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि रैली को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले ही बढ़ाई गई थी, लेकिन अचानक हुई घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
राजनीतिक दलों ने घटना को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष ने इसे राजनीतिक साजिश बताया। हालांकि प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
प्रधानमंत्री की रैली को लेकर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। पूरे क्षेत्र में ड्रोन निगरानी, बैरिकेडिंग और चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
फिलहाल जगद्दल और आसपास के इलाकों में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





