नई दिल्ली। उद्योगपति अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता रिसोर्सेज ने 1.1 अरब डॉलर यानी करीब 10,534 करोड़ रुपये के गारंटीड सीनियर बॉन्ड का पूरा भुगतान और निपटान कर दिया है। इसके बाद वेदांता लिमिटेड (VEDL) के शेयरों पर लगी सभी संबंधित पाबंदियां हटा दी गई हैं। कंपनी ने इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए दी है।
कंपनी के मुताबिक, यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ। भुगतान किए गए बॉन्ड वेदांता रिसोर्सेज फाइनेंस II PLC की ओर से जारी किए गए थे। इनमें 2030 में परिपक्व होने वाले 550 मिलियन डॉलर के 9.475 प्रतिशत गारंटीड सीनियर बॉन्ड और 2033 में परिपक्व होने वाले 550 मिलियन डॉलर के 9.850 प्रतिशत गारंटीड सीनियर बॉन्ड शामिल थे।
तीन कंपनियों के शेयर हुए मुक्त
बॉन्ड की शर्तों के तहत वेदांता लिमिटेड के शेयर रखने वाली प्रमोटर समूह की तीन सहायक कंपनियों—ट्विन स्टार होल्डिंग्स लिमिटेड, वेल्टर ट्रेडिंग लिमिटेड और वेदांता होल्डिंग्स मॉरीशस II लिमिटेड—पर कुछ प्रतिबंध लागू थे। इनमें शेयरों पर सुरक्षा हित बनाने और कुछ परिस्थितियों में शेयरों की खरीद-बिक्री से जुड़े प्रतिबंध शामिल थे। बॉन्ड का पूरा भुगतान होने के बाद ये प्रतिबंध समाप्त हो गए हैं।
इससे वेदांता लिमिटेड के प्रमोटर समूह के करीब 54.72 प्रतिशत शेयरों से संबंधित एनकंब्रेंस हटने की जानकारी भी सामने आई है।
कंपनी की ओर से यह कदम ऐसे समय में आया है जब वेदांता समूह अपने कर्ज और कारोबार के पुनर्गठन से जुड़े कई कदम उठा रहा है। हालांकि, शेयरों पर पाबंदियां हटने का बाजार मूल्य पर क्या असर पड़ेगा, यह आगे के कारोबार और निवेशकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।




