कोलकाता। पश्चिम बंगाल की चर्चित नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ममता बनर्जी गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापसी से कुछ समय पहले संचिता ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इसके बाद उनके चुनाव मैदान से हटने की घोषणा हुई।
संचिता प्रधान डे को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया था। चुनाव आयोग की ओर से ममता गुट को नया नाम और फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिह्न आवंटित किए जाने के कुछ ही घंटों बाद यह घटनाक्रम सामने आया।
शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद फैसला
नामांकन वापस लेने से पहले संचिता अपने पति के साथ राज्य सचिवालय नबन्ना पहुंचीं और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। रिपोर्टों के अनुसार, मुलाकात के बाद ही उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का फैसला किया। हालांकि, उनके फैसले के पीछे की वजह को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
नंदीग्राम सीट का बंगाल की राजनीति में खास महत्व है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने थे। उस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था।
ममता गुट अब कांग्रेस के समर्थन में
संचिता के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने घोषणा की कि उनका गुट नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगा। इससे मुकाबले का समीकरण बदल गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, अब नंदीग्राम में कांग्रेस, भाजपा और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं।
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होना है। संचिता के नामांकन वापस लेने के बाद ममता गुट अब इस सीट पर सीधे चुनाव नहीं लड़ेगा।





