नैनीताल। उत्तराखंड में मानसून सक्रिय होने के साथ ही पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर तेज हो गया है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है।
राज्य के कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने जैसी समस्याओं से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। कई ग्रामीण मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले दिनों में भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और गर्जन की भी चेतावनी जारी की गई है।
बारिश के कारण जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून की सक्रियता से तापमान में गिरावट आने से राहत जरूर मिली है, लेकिन लगातार बारिश से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है, हालांकि अधिक वर्षा होने पर नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसम के इसी तरह बने रहने की संभावना जताते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।





