कोलकाता (14 मार्च, 2026): पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज उस समय हलचल तेज हो गई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य में ‘महाजंगलराज’ के खात्मे का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि राज्य में अब परिवर्तन की लहर को रोका नहीं जा सकता।
‘नया बंगाल’ और क्रांति का बिगुल
प्रधानमंत्री ने ब्रिगेड मैदान के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए अपने भाषण की शुरुआत की:
- क्रांति की भूमि: पीएम मोदी ने कहा कि इसी मैदान से कभी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठी थी, जो पूरे देश में क्रांति बन गई और अंततः अंग्रेजों की लूट और अत्याचार का खात्मा हुआ।
- विकसित बंगाल का संकल्प: उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस बंगाल ने कभी पूरे भारत को दिशा दिखाई थी, उसे एक बार फिर ‘विकसित बंगाल’ बनाकर उसका खोया हुआ गौरव हासिल करना हमारा मुख्य संकल्प है।
- परिवर्तन का संकेत: प्रधानमंत्री के अनुसार, आज ब्रिगेड ग्राउंड से एक बार फिर ‘नए बंगाल’ की क्रांति का बिगुल बज चुका है, जो राज्य की वर्तमान व्यवस्था को बदलने का काम करेगा।
TMC सरकार पर तीखे प्रहार
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर भ्रष्टाचार और कुशासन के गंभीर आरोप लगाए:
- महाजंगलराज का अंत: पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल के कोने-कोने से अब एक ही आवाज उठ रही है कि यहां व्याप्त ‘महाजंगलराज’ को खत्म करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने बंगाल के विकास को रोककर उसे पीछे धकेल दिया है।
- जनता का जोश: मैदान में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपका यह असीम उत्साह और जोश बता रहा है कि बंगाल के मन में क्या चल रहा है और राज्य की जनता अब अन्याय को और बर्दाश्त नहीं करेगी।”
- लूट का खात्मा: उन्होंने कहा कि जिस तरह अंग्रेजों की लूट का अंत हुआ था, उसी तरह बंगाल को लूटने वाली शक्तियों का भी जल्द सफाया होगा।
बंगाल के गौरव की बहाली का वादा
प्रधानमंत्री ने बंगाल की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को फिर से जीवित करने की बात कही:
- उन्होंने वादा किया कि केंद्र सरकार बंगाल के बुनियादी ढांचे, उद्योग और युवाओं के रोजगार के लिए प्रतिबद्ध है।
- पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की पहचान अब भ्रष्टाचार और हिंसा से नहीं, बल्कि प्रगति और शांति से होनी चाहिए।





