वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क: दिवंगत अमेरिकी अरबपति और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन का काला साम्राज्य मौत के सालों बाद भी दुनिया को झकझोर रहा है। हाल ही में ‘एपस्टीन फाइल्स’ से जुड़े नए दस्तावेजों और चश्मदीदों के बयानों ने एक ऐसी दहला देने वाली थ्योरी को जन्म दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। सनसनीखेज दावों के अनुसार, एपस्टीन के निजी द्वीपों और गुप्त ठिकानों पर उन लड़कियों के शव दफन हो सकते हैं, जो उसके रसूखदार ‘सेक्स ट्रैफिकिंग’ जाल का हिस्सा थीं और बाद में रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई थीं।
रहस्यमयी ठिकानों पर खुदाई: क्या है ‘लिटिल सेंट जेम्स’ का सच?
जांच का मुख्य केंद्र वर्जिन आइलैंड्स स्थित एपस्टीन का निजी द्वीप ‘लिटिल सेंट जेम्स’ है, जिसे स्थानीय लोग ‘पेडोफाइल आइलैंड’ के नाम से भी जानते हैं:
- संदिग्ध निर्माण: सैटेलाइट तस्वीरों और पुराने कर्मचारियों के बयानों से पता चला है कि द्वीप पर कई ऐसे निर्माण कार्य किए गए थे, जिनका कोई तार्किक आधार नहीं था। इनमें कंक्रीट के गहरे गड्ढे और भूमिगत सुरंगें शामिल हैं।
- लापता लड़कियों का सुराग: जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि जो लड़कियां सालों पहले गायब घोषित की गई थीं, उन्हें यहीं ठिकाने लगाया गया होगा।
- फॉरेंसिक रडार का उपयोग: आधुनिक ‘ग्राउंड-पेनिट्रेटिंग रडार’ (GPR) तकनीक के जरिए अब उन हिस्सों की जांच की जा रही है, जहां मिट्टी के नीचे असामान्य हलचल या अवशेष होने की संभावना है।
खुलने लगे काले राज: फाइल्स में दर्ज हैं बड़े नाम
कोर्ट द्वारा सार्वजनिक किए गए नए दस्तावेजों (Epstein Files) ने न केवल मौतों के राज खोले हैं, बल्कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोगों की धड़कनें भी बढ़ा दी हैं:
- रसूखदारों की लिस्ट: फाइल्स में पूर्व राष्ट्रपतियों, हॉलीवुड सितारों और व्यापारिक दिग्गजों के नाम शामिल हैं, जो एपस्टीन के द्वीपों पर मेहमान बनकर जाते थे।
- ब्लैकमेलिंग का जाल: अंदेशा जताया जा रहा है कि एपस्टीन इन लड़कियों का इस्तेमाल रसूखदारों को फंसाने और उनके वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए करता था।
- गवाहों के बयान: एपस्टीन की पूर्व सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल के मामले में सामने आए नए गवाहों ने संकेत दिए हैं कि विरोध करने वाली लड़कियों को ‘शाश्वत शांति’ (मौत) की नींद सुला दिया जाता था।
जांच का दायरा बढ़ा: समुद्र के नीचे भी तलाश
एफबीआई (FBI) और स्थानीय पुलिस ने केवल जमीन ही नहीं, बल्कि द्वीप के आसपास के समुद्र तल की भी जांच करने की योजना बनाई है:
- गोताखोरों की मदद: ऐसी खबरें हैं कि सबूत मिटाने के लिए वजनदार जंजीरों के साथ शवों को गहरे समुद्र में फेंका गया होगा।
- डीएनए मैपिंग: अगर कोई भी अवशेष बरामद होता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘मिसिंग पर्सन्स’ के डेटाबेस से उनका डीएनए मिलान किया जाएगा ताकि दशकों पुराने लापता मामलों को सुलझाया जा सके।




