वॉशिंगटन/तेहरान (11 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ अमेरिकी नौसेना ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में ईरान की एक बड़ी सैन्य साजिश को विफल करने का दावा किया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ‘पेंटागन’ के अनुसार, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में घातक ‘समुद्री सुरंगें’ (Naval Mines) बिछाने की कोशिश कर रहा था, जिसे अमेरिकी हवाई हमलों में पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। इस कार्रवाई में ईरान के 16 विशेष जहाज, जो माइन बिछाने के काम में लगे थे, धुएं में तब्दील हो गए।
ऑपरेशन की बारीकियां: आसमान से बरसी आग
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस ऑपरेशन का विवरण साझा करते हुए बताया कि ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करने के लिए समुद्र के भीतर विस्फोटकों का जाल बिछा रहा था:
- सटीक खुफिया जानकारी: अमेरिकी टोही विमानों और सैटेलाइट्स ने ईरानी नौकाओं की संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक किया, जो आधी रात के अंधेरे में पानी के भीतर माइन बिछा रही थीं।
- मिसाइल हमला: जैसे ही पुष्टि हुई, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और ड्रोन ने उन पर हमला बोल दिया। इस हमले में विस्फोटक ले जा रहे सभी 16 ईरानी जहाज एक के बाद एक धमाकों के साथ जलकर खाक हो गए।
- रणनीतिक जीत: अमेरिका का मानना है कि इन जहाजों के विनाश के साथ ही ईरान की समुद्री घेराबंदी (Blockade) की योजना को गहरा झटका लगा है।
होर्मुज का महत्व: क्यों महत्वपूर्ण है यह रास्ता?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ‘ऊर्जा धमनी’ मानी जाती है। ईरान द्वारा यहां माइन बिछाने की कोशिश ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी थी क्योंकि:
- तेल की आपूर्ति: दुनिया के कुल कच्चे तेल के व्यापार का लगभग एक-तिहाई (1/3) हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है।
- वैश्विक अर्थव्यवस्था: यदि यहां समुद्री सुरंगों के कारण टैंकर डूबते, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल के पार जा सकती थीं।
- भारत पर असर: भारत को होने वाली तेल और गैस की अधिकांश आपूर्ति इसी मार्ग से होती है, इसलिए इस रास्ते का सुरक्षित रहना भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ईरान की प्रतिक्रिया और अमेरिकी चेतावनी
पेंटागन के प्रवक्ता ने कड़े शब्दों में कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में ‘नेविगेशन की स्वतंत्रता’ (Freedom of Navigation) को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी देश को व्यापारिक मार्ग रोकने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
“ईरान की यह हरकत एक बड़ी उकसावे वाली कार्रवाई थी। हमने न केवल उनकी समुद्री सुरंगों को साफ किया है, बल्कि उन्हें यह संदेश भी दे दिया है कि उनके माइन बिछाने वाले जहाज हमारे रडार से बच नहीं सकते।” — अमेरिकी रक्षा अधिकारी
दूसरी ओर, ईरान ने इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन तेहरान में बढ़ते तनाव को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि ईरान अपनी ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) के जरिए इसका बदला लेने की कोशिश कर सकता है।




