तेहरान/मास्को: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान में बड़े सत्ता परिवर्तन की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया ‘सुप्रीम लीडर’ (सर्वोच्च नेता) नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही रूस ने ईरान के प्रति अपना अटूट समर्थन दोहराया है, जबकि इजरायल ने नए ईरानी प्रमुख को लेकर सनसनीखेज दावे किए हैं।
राष्ट्रपति पुतिन ने दिया ‘अटूट समर्थन’ का भरोसा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मोजतबा खामेनेई को बधाई देने वाले पहले प्रमुख वैश्विक नेताओं में से एक रहे:
- क्रेमलिन का संदेश: रूसी राष्ट्रपति कार्यालय ‘क्रेमलिन’ के अनुसार, पुतिन ने मोजतबा के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है।
- विरासत को आगे बढ़ाने की उम्मीद: पुतिन ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि मोजतबा अपने पिता की विरासत को सफलतापूर्वक आगे ले जाएंगे, जिससे रूस और ईरान के द्विपक्षीय संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे।
- मुश्किल वक्त में साथ: रूस ने तेहरान को आश्वासन दिया है कि मौजूदा युद्ध की स्थिति में वह ईरान के साथ मजबूती से खड़ा है।
इजरायली सेना का बड़ा दावा: हमले में घायल हुए मोजतबा
एक तरफ जहाँ ईरान में जश्न और नई नियुक्तियों का माहौल है, वहीं इजरायली रक्षा अधिकारियों ने मोजतबा की सेहत को लेकर बड़ा दावा किया है:
- हवाई हमले में चोट: इजरायली सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल ही में हुए एक हवाई हमले में मोजतबा खामेनेई बुरी तरह घायल हो गए थे।
- सुरक्षा की चिंता: हालांकि, इजरायल ने यह स्वीकार किया है कि मोजतबा जीवित हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी धर्मगुरु मोजतबा को नेता घोषित करने में इसलिए हिचकिचा रहे थे क्योंकि उन्हें डर था कि अमेरिका और इजरायल उन्हें सीधे तौर पर अपना अगला निशाना बना सकते हैं।
संघर्ष की पृष्ठभूमि: अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत से उपजा संकट
पश्चिम एशिया में मौजूदा युद्ध और तनाव की जड़ें 10 दिन पहले की घटनाओं से जुड़ी हैं:
- 28 फरवरी का हमला: इस संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर भीषण हमला किया।
- सर्वोच्च नेता की मौत: 28 फरवरी को हुए इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में प्रतिशोध की आग भड़क उठी है।
जवाबी मिसाइल वर्षा: अपने नेता की मौत के बाद से ही ईरान लगातार इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमले कर रहा है।





