प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल को विकास की कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने दुर्गापुर और रघुनाथपुर की औद्योगिक इकाइयों के उन्नयन के लिए ₹1,500 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन फैक्ट्रियों में नई तकनीक के इस्तेमाल से उत्पादन में इजाफा होगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
2047 तक विकसित भारत के लिए तीन मूल मंत्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए तीन मूल मंत्र बताए:
- विकास से सशक्तिकरण
- रोजगार से आत्मनिर्भरता
- संवेदनशीलता से सुशासन
उन्होंने कहा कि इन्हीं सिद्धांतों पर चलते हुए सरकार देश के हर कोने तक विकास पहुंचा रही है।
बंगाल को बताया पलायन की मार झेलता प्रदेश
पीएम मोदी ने राज्य की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कभी पूरे देश से लोग रोजगार की तलाश में बंगाल आते थे, लेकिन आज यहां के युवाओं को काम के लिए पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “बंगाल विकास चाहता है। भाजपा की सरकार बनी तो विकास की रफ्तार लौटेगी और युवाओं को यहीं रोजगार मिलेगा।”
ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी पहल: ‘वन नेशन, वन गैस ग्रिड’
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले 10 वर्षों में गैस कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक काम हुआ है। अब लगभग हर घर तक एलपीजी सिलेंडर पहुंच चुका है।
‘वन नेशन, वन गैस ग्रिड’ के तहत प्रधानमंत्री ऊर्जा योजना को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत पश्चिम बंगाल समेत छह पूर्वी राज्यों में गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इससे उद्योग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी।
प्रधानमंत्री की घोषणाएं पश्चिम बंगाल के लिए आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक मोर्चे पर एक बड़ा संदेश हैं। जहां एक ओर केंद्र सरकार राज्य को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सक्रिय दिखी, वहीं दूसरी ओर बंगाल के युवाओं के भविष्य को लेकर भी स्पष्ट रोडमैप सामने रखा गया।





