देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। सितंबर के अंत तक मानसून विदाई की ओर बढ़ रहा था, लेकिन अचानक बढ़ी गर्मी ने इसे रोक दिया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका भी बढ़ सकती है।
गर्मी बनी रोड़ा
पिछले एक सप्ताह से मैदानी इलाकों में तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है। पारे में लगातार वृद्धि से ऐसा लग रहा था कि मानसून का दौर खत्म हो चुका है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यही गर्मी बादलों को पुनः सक्रिय करने में भूमिका निभा रही है, जिससे मानसून की विदाई में देरी हो रही है।
चार दिन तक अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में अगले चार दिन तक रुक-रुक कर बारिश होगी। विशेषकर देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। वहीं, नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी से भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जनता को सतर्क रहने की अपील
आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में सफर करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की अपील की गई है। वहीं मैदानी इलाकों में भी जलभराव और बिजली गिरने की घटनाओं से सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
किसानों के लिए राहत और चुनौती
खेतों में खड़ी फसलों के लिए यह बारिश कुछ हद तक फायदेमंद हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा से नुकसान का खतरा भी है। धान की कटाई के बीच तेज बारिश किसानों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है।
गर्मी ने थामी मानसून की विदाई, अब फिर बदलेगा मौसम; चार दिन भारी बारिश के आसार





