ऋषिकेश: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को योग नगरी ऋषिकेश के प्रसिद्ध परमार्थ निकेतन आश्रम पहुँचकर माँ गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सनातन संस्कृति के संरक्षण और नैतिक मूल्यों के प्रसार पर विशेष बल दिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा पूजन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आश्रम पहुँचने पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात:
- विधि-विधान से पूजा: मुख्यमंत्री ने गंगा तट पर स्थित प्रसिद्ध शिव प्रतिमा के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माँ गंगा का दुग्धाभिषेक और पूजन किया।
- आरती में सहभागिता: सांध्यकालीन बेला में सीएम धामी ने विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भी भाग लिया। आरती के दौरान पूरा वातावरण ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।
सनातन मूल्यों पर दिया जोर
पूजन के बाद आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
- भारत की पहचान: “सनातन मूल्य केवल धार्मिक मान्यताएं नहीं हैं, बल्कि यह भारत की जीवन पद्धति और असली शक्ति हैं। पूरी दुनिया आज शांति और अध्यात्म के लिए भारत की ओर देख रही है।”
- युवाओं को संदेश: सीएम ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जुड़ना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक केंद्र मानवता को सेवा और त्याग का मार्ग दिखाते हैं।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने की सराहना
परमार्थ निकेतन के प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जिस तरह से विकास और विरासत को साथ लेकर चल रही है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने विशेष रूप से चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मुख्यमंत्री के विजन की प्रशंसा की।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तराखंड सरकार राज्य में धार्मिक पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश को वैश्विक स्तर पर योग और अध्यात्म की राजधानी के रूप में और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।





