अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर जहां दुनिया के कई देश असहज दिखाई दे रहे हैं, वहीं भारत के रुख को लेकर अमेरिका के ही विशेषज्ञों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और विदेश मामलों के जानकार एडवर्ड प्राइस ने कहा है कि “प्रधानमंत्री मोदी बेहद चतुर हैं और वह पूरी तरह समझदारी से कदम उठा रहे हैं। भारत ट्रंप की टैरिफ हठधर्मिता का जवाब सोच-समझकर दे रहा है।”
विशेषज्ञ ने साफ किया कि मौजूदा वैश्विक व्यापारिक माहौल में भारत का शांत और संयमित दृष्टिकोण उसकी आर्थिक रणनीति को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अनावश्यक टकराव से बचते हुए व्यावहारिक तरीके से अमेरिकी दबाव का सामना कर रही है। यही कारण है कि भारत की अर्थव्यवस्था पर टैरिफ का असर सीमित रहा है।
जानकारों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति ने अमेरिका के पारंपरिक सहयोगियों तक को नाराज कर दिया है। यूरोप, कनाडा और चीन जैसे देशों के साथ खुले टकराव के बीच भारत का कूटनीतिक संतुलन उल्लेखनीय माना जा रहा है।
भारत ने हाल ही में अमेरिकी टैरिफ के जवाब में कुछ उत्पादों पर शुल्क जरूर बढ़ाया है, लेकिन उसने द्विपक्षीय वार्ता के लिए दरवाजे बंद नहीं किए। विशेषज्ञों का कहना है कि यही “स्मार्ट डिप्लोमेसी” है, जिसमें भारत न तो झुक रहा है और न ही टकराव को बढ़ा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक व्यापार युद्ध की इस स्थिति में भारत का धैर्यपूर्ण रवैया उसकी दीर्घकालिक आर्थिक और राजनीतिक रणनीति के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।





