हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार को नई भव्यता और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के प्रथम चरण के तहत 235 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं के तहत हरकी पैड़ी, सुभाष घाट और रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का पुनर्विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। गंगा घाटों और आसपास के क्षेत्रों के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धर्मनगरी को नया स्वरूप मिलेगा।
परियोजना के तहत हरकी पैड़ी क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, यात्री सुविधाओं के विस्तार, घाटों के विकास और रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इन कार्यों का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से विकसित कर रही है। इसके माध्यम से धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने और निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों को देखते हुए हरिद्वार में स्थायी सुविधाओं का विकास जरूरी है। बेहतर यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, घाटों का विस्तार और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
गंगा कॉरिडोर परियोजना को हरिद्वार के भविष्य के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे शहर की सुंदरता बढ़ने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने बताया कि परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरकी पैड़ी और रोड़ी बेलवाला क्षेत्र श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए अधिक सुविधाजनक और आकर्षक नजर आएगा।





