वॉशिंगटन। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. आसिफ महमूद को अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद भारत से जुड़े मामलों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि आयोग पहले भी भारत में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अपनी रिपोर्ट जारी करता रहा है।
डॉ. आसिफ महमूद अमेरिका में लंबे समय से मानवाधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक समरसता से जुड़े मुद्दों पर काम करते रहे हैं। वह पेशे से चिकित्सक हैं और दक्षिण एशिया से जुड़े मानवाधिकार अभियानों में भी सक्रिय रहे हैं। इससे पहले वह आयोग के उपाध्यक्ष पद पर भी रह चुके हैं।
अमेरिकी आयोग में उनकी नई जिम्मेदारी ऐसे समय आई है, जब दुनिया के कई देशों में धार्मिक स्वतंत्रता, अल्पसंख्यक अधिकार और मानवाधिकारों को लेकर बहस जारी है। USCIRF अमेरिका की एक स्वतंत्र संघीय संस्था है, जो विभिन्न देशों में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति की समीक्षा कर अमेरिकी सरकार को नीतिगत सुझाव देती है।
डॉ. महमूद की नियुक्ति को लेकर भारत में भी प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। USCIRF की पिछली कुछ रिपोर्टों में भारत को लेकर टिप्पणियां की गई हैं, जिन्हें भारत सरकार ने कई बार पक्षपातपूर्ण बताते हुए खारिज किया है। नई नियुक्ति के बाद आयोग की भविष्य की रिपोर्टों और रुख पर नजर रहेगी।
डॉ. आसिफ महमूद का संबंध पाकिस्तान से है, लेकिन वह अमेरिका में बसे पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। उन्होंने सामाजिक और धार्मिक समुदायों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए भी काम किया है।
USCIRF में अध्यक्ष के रूप में उनके सामने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों का आकलन करने और आयोग की नीतिगत दिशा तय करने की जिम्मेदारी होगी। भारत समेत दक्षिण एशियाई देशों से जुड़े मामलों में आयोग की भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी रहेगी।
डॉ. महमूद की नियुक्ति को पाकिस्तानी मूल के लोगों की अमेरिकी प्रशासनिक और नीतिगत संस्थाओं में बढ़ती भागीदारी के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, उनके नेतृत्व में आयोग का रुख और आने वाली रिपोर्टें ही यह तय करेंगी कि यह नियुक्ति भारत-अमेरिका संबंधों और दक्षिण एशियाई मुद्दों पर किस तरह प्रभाव डालती है।




