वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कतर से मिले बोइंग 747 विमान को अब बड़े सुरक्षा उन्नयन (अपग्रेड) के लिए भेजा जाएगा। व्हाइट हाउस के अनुसार, विमान में अतिरिक्त सुरक्षा प्रणालियां लगाने का काम किया जाएगा, जिसके दौरान ट्रंप करीब एक महीने तक पुराने एयरफोर्स वन विमान से यात्रा करेंगे।
कतर की ओर से दिए गए इस विमान को राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान एयरफोर्स वन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों ने इसकी सुरक्षा क्षमताओं को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना है कि विमान में पारंपरिक एयरफोर्स वन में मौजूद कुछ अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियां अभी पूरी तरह शामिल नहीं हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, विमान को रक्षा मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए अतिरिक्त तकनीकी बदलाव किए जाएंगे। इनमें इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा प्रणाली, संभावित खतरों से बचाव के उपाय और अन्य उन्नत सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। विमान को पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से रक्षा कंपनी एल3हैरिस टेक्नोलॉजीज ने इसमें बदलाव किए थे।
ट्रंप प्रशासन ने विमान को सुरक्षित बताया है, लेकिन अधिकारियों ने माना है कि इसमें कुछ और सुधार किए जाने बाकी हैं। व्हाइट हाउस ने कहा है कि अपग्रेड पूरा होने के बाद विमान को फिर से राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
कतर से मिले इस विमान को लेकर अमेरिका में राजनीतिक और सुरक्षा बहस भी हुई है। आलोचकों ने विदेशी सरकार से मिले इतने महंगे विमान को स्वीकार करने और उसकी सुरक्षा तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। वहीं, ट्रंप ने इसे अमेरिका के लिए फायदेमंद बताते हुए कहा है कि यह विमान आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
अमेरिकी प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल होने वाले विमान में संचार, सुरक्षा और रक्षा से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाएं उच्चतम स्तर की हों। विशेषज्ञों के मुताबिक, राष्ट्रपति के विमान की सुरक्षा सामान्य विमानों से कहीं अधिक जटिल होती है, क्योंकि इसमें संवेदनशील संचार और आपातकालीन क्षमताएं शामिल होती हैं।
अपग्रेड के दौरान ट्रंप पुराने एयरफोर्स वन विमान का इस्तेमाल करेंगे। इसके बाद कतर से मिले विमान को और मजबूत सुरक्षा सुविधाओं के साथ दोबारा सेवा में शामिल किए जाने की योजना है।





