लंदन। भारतीय मूल के सांसद कनिष्क नारायण को ब्रिटेन का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मंत्री नियुक्त किया गया है। ब्रिटेन सरकार में पहली बार एआई मंत्रालय को कैबिनेट स्तर की जिम्मेदारी दी गई है। कनिष्क की नियुक्ति को तकनीक और डिजिटल नीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कनिष्क नारायण का भारत से खास जुड़ाव है। उनका जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था। बचपन में उनका परिवार ब्रिटेन चला गया, जहां उन्होंने शिक्षा हासिल की और आगे चलकर राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वह ब्रिटेन की लेबर पार्टी से जुड़े हैं और 2024 में वेल ऑफ ग्लेमॉर्गन सीट से सांसद चुने गए।
कनिष्क की नई जिम्मेदारी ब्रिटेन में एआई तकनीक के विकास, इसके सुरक्षित उपयोग और नीतिगत ढांचे को मजबूत करने से जुड़ी होगी। सरकार एआई को आर्थिक विकास, प्रशासनिक सुधार और नवाचार के अहम क्षेत्र के रूप में देख रही है।
राजनीति में आने से पहले कनिष्क नारायण ने सरकारी और निजी क्षेत्र में काम किया। उन्होंने ब्रिटेन के कैबिनेट कार्यालय में सिविल सेवक के रूप में भी सेवाएं दीं और तकनीक व नीति से जुड़े क्षेत्रों में अनुभव हासिल किया।
कनिष्क की नियुक्ति भारतीय समुदाय के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है। बिहार से निकलकर ब्रिटेन की शीर्ष राजनीतिक जिम्मेदारी तक पहुंचने वाली उनकी यात्रा को प्रवासी भारतीयों की बढ़ती भागीदारी के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
एआई मंत्री के रूप में कनिष्क के सामने तकनीकी विकास के साथ-साथ डेटा सुरक्षा, एआई के जिम्मेदार इस्तेमाल और समाज पर इसके प्रभावों को लेकर नीतियां बनाने की चुनौती होगी। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब दुनिया भर की सरकारें एआई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए नए नियम और रणनीतियां तैयार कर रही हैं।
बिहार के मुजफ्फरपुर से शुरू हुई कनिष्क नारायण की यात्रा अब ब्रिटेन की एआई नीति तय करने वाले अहम पद तक पहुंच गई है। उनकी यह उपलब्धि भारतीय मूल के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सफलता के रूप में देखी जा रही है।





