पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भारत-चीन सीमा के पास भारी भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हो गया है। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर गिरने से मार्ग बाधित हो गया और वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। भारी बारिश के कारण क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार, सीमांत क्षेत्र में अचानक हुए भूस्खलन के दौरान पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा। इससे सड़क पूरी तरह बंद हो गई और स्थानीय लोगों सहित यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन और संबंधित विभागों को मार्ग खोलने के लिए सूचना दी गई है।
पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश के चलते कई सड़कों पर मलबा आने की घटनाएं सामने आ रही हैं। तवाघाट और थल-मुनस्यारी सहित कई मार्ग भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करने की अपील की है।
सीमा क्षेत्र होने के कारण इन सड़कों का सामरिक महत्व भी है। मार्ग अवरुद्ध होने से स्थानीय आवाजाही के साथ-साथ सीमांत इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और अन्य गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
प्रशासन की ओर से सड़क खोलने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और मलबा हटने के बाद ही यातायात सुचारु हो पाएगा।
मौसम विभाग की ओर से पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बना रहता है, जिसके चलते यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत है।





