Top 5 This Week

Related Posts

बंगाल चुनाव में हिंसा: कुमारग्राम से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर जानलेवा हमला; TMC कार्यकर्ताओं पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटने का आरोप

कुमारगंज/दक्षिण दिनाजपुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े दावों के बीच हिंसा की एक बड़ी खबर सामने आई है। दक्षिण दिनाजपुर जिले की कुमारग्राम विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर गुरुवार को जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने मतदान केंद्र के बाहर भाजपा उम्मीदवार के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन्हें सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है।

बूथ नंबर 12 पर भड़की हिंसा: कहासुनी के बाद हमला

घटना कुमारग्राम विधानसभा क्षेत्र के कुमारगंज स्थित बूथ नंबर 12 पर घटित हुई।

  • विवाद की शुरुआत: जानकारी के अनुसार, भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार जब मतदान प्रक्रिया का जायजा लेने बूथ पर पहुँचे, तो वहां मौजूद टीएमसी समर्थकों के साथ उनकी किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई।
  • उग्र हुई भीड़: देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई और टीएमसी समर्थकों की भारी भीड़ ने सुवेंदु सरकार को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ इतनी उग्र थी कि उसने भाजपा उम्मीदवार पर लात-घूसों से हमला कर दिया।

सुरक्षा घेरा टूटा: बॉडीगार्ड भी नहीं बचा पाए

हमले के वक्त सुवेंदु सरकार के साथ मौजूद उनके निजी सुरक्षाकर्मियों (बॉडीगार्ड्स) ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के कारण वे बेबस नजर आए।

  • दौड़ाकर पीटा: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दृश्यों में देखा जा सकता है कि भीड़ भाजपा उम्मीदवार को सड़क पर दौड़ा रही है और उनके साथ मारपीट कर रही है। सुवेंदु सरकार को अपनी जान बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल: मौके से नदारद थे केंद्रीय बल

इस पूरी घटना ने चुनाव आयोग और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

  • सुरक्षा में चूक: हैरानी की बात यह है कि जब भाजपा उम्मीदवार पर यह हमला हो रहा था, तब उस संवेदनशील बूथ पर सुरक्षा का कोई विशेष इंतजाम नहीं था।
  • केंद्रीय बलों की अनुपस्थिति: मौके पर न तो केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात थे और न ही स्थानीय पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वहां मौजूद थी। उम्मीदवार के समर्थकों ने सवाल उठाया है कि इतने संवेदनशील चरण में भी मुख्य चुनाव अधिकारी सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर

भाजपा ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।

  1. भाजपा का रुख: पार्टी नेतृत्व ने आरोप लगाया है कि टीएमसी हार के डर से हिंसा का सहारा ले रही है और भाजपा उम्मीदवारों को डराने का प्रयास कर रही है।
  2. TMC का इनकार: वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को निराधार बताया है। स्थानीय टीएमसी नेताओं का कहना है कि भाजपा उम्मीदवार ने खुद मतदाताओं को उकसाने की कोशिश की थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध किया।

Popular Articles