बदरीनाथ/चमोली: भू-वैकुंठ भगवान बदरीविशाल के कपाट आज ब्रह्म मुहूर्त में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने घोषणा की है कि वर्तमान में बदरीनाथ और केकेदारनाथ दोनों धामों में होने वाली ‘विशेष पूजाओं’ पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, ताकि देश-दुनिया से आने वाले सभी आम श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो सकें।
प्रधानमंत्री के नाम हुई पहली पूजा; सीएम धामी ने टेका मत्था
धाम के कपाट खुलने के बाद परंपरा के अनुसार मंदिर में पहली पूजा संपन्न की गई।
- राष्ट्र के लिए प्रार्थना: मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल) ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से धाम की पहली ‘महाभिषेक’ पूजा संपन्न की और राष्ट्र की खुशहाली की कामना की।
- मुख्यमंत्री की उपस्थिति: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। उन्होंने भगवान बदरी विशाल का आशीर्वाद लिया और चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए प्रार्थना की।
विशेष पूजा पर रोक क्यों?
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि कपाट खुलने के शुरुआती दिनों में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी संख्या के कारण यह फैसला लिया गया है।
- समानता का भाव: अध्यक्ष के अनुसार, विशेष पूजाओं (जैसे सशुल्क वीआईपी पूजा) में समय अधिक लगता है, जिससे सामान्य लाइन में लगे भक्तों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। अब सभी भक्त एक समान तरीके से ‘सामान्य दर्शन’ करेंगे।
- भीड़ नियंत्रण: इस कदम से मंदिर के भीतर और बाहर कतारों का प्रबंधन करना आसान होगा और अधिक से अधिक लोगों को कम समय में दर्शन मिल सकेंगे।
कपाट खुलते ही उमड़ा आस्था का सैलाब
सुबह से ही बदरीनाथ धाम में कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु कतारों में डटे रहे।
- पुष्प वर्षा और जयघोष: कपाट खुलते समय पूरी बदरीश पुरी ‘जय बदरीविशाल’ के नारों से गूंज उठी। सेना के बैंड की धुनों और हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा ने वातावरण को दिव्य बना दिया।
- श्रद्धालुओं का उत्साह: कपाट खुलने के पहले ही दिन हजारों भक्तों ने भगवान के निर्वाण दर्शन और अभिषेक के दर्शन किए।
प्रशासन की तैयारियां और सुरक्षा
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
- स्वास्थ्य सुविधाएं: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं।
- आवास और रसद: तीर्थयात्रियों के ठहरने और भोजन के लिए स्थानीय व्यापारियों और प्रशासन ने पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है।





