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उत्तरकाशी: गोमुख-तपोवन ट्रैक पर साहसिक पर्यटन का आगाज़; फ्रांस का 10 सदस्यीय दल रवाना, सामान्य पर्यटकों को अभी भी इंतज़ार

उत्तरकाशी: हिमालय की गोद में स्थित विश्व प्रसिद्ध गोमुख-तपोवन ट्रेकिंग रूट पर इस वर्ष की साहसिक गतिविधियों की शुरुआत हो गई है। बुधवार को गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने फ्रांस के 10 सदस्यीय विदेशी दल को इस सत्र के पहले आधिकारिक दल के रूप में गोमुख के लिए रवाना किया। हालांकि, रोमांच के शौकीन सामान्य पर्यटकों के लिए अभी भी बुरी खबर है, क्योंकि प्रशासन ने बुनियादी सुविधाओं के अभाव और मार्ग की चुनौतियों को देखते हुए फिलहाल उन्हें अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

फ्रांसीसी दल ने भरी पहली उड़ान

गंगोत्री से गोमुख और फिर वहां से कठिन चढ़ाई वाले तपोवन ट्रैक के लिए इस साल का पहला विदेशी जत्था रवाना हुआ है।

  • पहला विदेशी दल: फ्रांस से आए इन दस अनुभवी ट्रैकर्स के दल ने बुधवार सुबह अपनी यात्रा शुरू की।
  • विशेष अनुमति: विदेशी दल को अनुभवी गाइडों और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद विशेष अनुमति प्रदान की गई है।

सामान्य पर्यटकों के लिए क्यों है पाबंदी?

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम पर्यटकों के लिए ट्रैक अभी पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक नहीं है। इसके पीछे मुख्य रूप से दो कारण बताए गए हैं:

  1. भोजबासा में पेयजल का संकट: ट्रैक के मुख्य पड़ाव ‘भोजबासा’ में गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के आवास गृहों में पानी की आपूर्ति अभी तक सुचारू नहीं हो पाई है। पाइप लाइनों में आई तकनीकी खराबी और बर्फबारी के कारण पानी की समस्या बनी हुई है।
  2. आश्रमों के ताले नहीं खुले: इस मार्ग पर स्थित विभिन्न आश्रम, जो पर्यटकों के ठहरने और भोजन का मुख्य जरिया होते हैं, वे भी अभी तक नहीं खुल पाए हैं। ऐसे में पर्यटकों के लिए रुकने और खाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।

ट्रैक की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां

सर्दियों के बाद खुले इस ट्रैक पर अभी भी कई स्थानों पर भूस्खलन और हिमखंडों (ग्लेशियर) का खतरा बना हुआ है।

  • मार्ग का निरीक्षण: वन विभाग और पार्क प्रशासन की टीमें लगातार मार्ग का निरीक्षण कर रही हैं।
  • सीमित अनुमति: केवल उन्हीं लोगों को जाने दिया जा रहा है जिनके पास पर्याप्त रसद, टेंट और अनुभवी पोर्टर्स की व्यवस्था है।

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