कोपेनहेगन: डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन के पास गुरुवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया है। हिल्लेरोड और कागेरुप को जोड़ने वाली रेल लाइन पर दो यात्री ट्रेनों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में कुल 17 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से पांच यात्रियों की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय इमरजेंसी सेवाओं और पुलिस ने मौके पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
तड़के हुआ हादसा: जब यात्री गहरी नींद में थे
पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 6:30 बजे हुई।
- यात्रियों की संख्या: जिस समय यह टक्कर हुई, उस समय दोनों ट्रेनों में कुल 38 यात्री सवार थे। सुबह का समय होने के कारण अधिकतर यात्री अपने गंतव्य की ओर जाने की तैयारी में थे।
- टक्कर की तीव्रता: टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पीली और ग्रे रंग की दोनों ट्रेनों के अगले हिस्से (इंजन और कोच) बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर एक-दूसरे में फंस गए।
घटनास्थल पर मची चीख-पुकार: रेस्क्यू टीम ने बताया ‘अराजक’ मंजर
अग्निशमन और बचाव सेवा के प्रमुख क्रिस्टोफर बुहल मार्टेकिल्डे ने घटनास्थल के हालातों का विवरण देते हुए इसे बेहद भयावह बताया।
- बिखरे हुए कांच: सीधी भिड़ंत के कारण ट्रेनों की खिड़कियों और दरवाजों के कांच टूटकर चारों तरफ बिखर गए, जिससे कई यात्री गंभीर रूप से कटने के कारण घायल हो गए।
- अंदरूनी हालात: रेस्क्यू टीमों ने बताया कि ट्रेन के भीतर का दृश्य पूरी तरह अराजक था। यात्रियों के सामान और मलबे के बीच घायलों को निकालने के लिए बचाव कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इमरजेंसी सर्विस ने संभाला मोर्चा
हादसे के तुरंत बाद एम्बुलेंस और अग्निशमन दल की गाड़ियां मौके पर पहुँच गईं।
- घायलों का उपचार: सभी 17 घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, जिन पांच लोगों की हालत गंभीर है, वे फिलहाल गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में निगरानी में हैं।
- सुरक्षा घेरा: पुलिस ने हिल्लेरोड और कागेरुप के बीच चलने वाली इस रेल लाइन को फिलहाल पूरी तरह बंद कर दिया है ताकि मलबे को हटाया जा सके और जांच की जा सके।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
डेनमार्क की रेल सुरक्षा एजेंसी ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
- तकनीकी चूक या मानवीय गलती: शुरुआती जांच इस बात पर केंद्रित है कि एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें आमने-सामने कैसे आ गईं। सिग्नल प्रणाली में खराबी या मानवीय त्रुटि की संभावनाओं को खंगाला जा रहा है।
- ट्रैक की स्थिति: अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स और कंट्रोल रूम के डेटा का विश्लेषण करने के बाद ही हादसे की सटीक वजह साफ हो पाएगी।




