नई दिल्ली: पश्चिम एशिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में विदेशी जहाजों पर हुई फायरिंग और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस स्थिति को ‘धरती पर नरक’ (Hell on Earth) बताने वाले बयानों के बीच भारत सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित जहाजों पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल (Crew) के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में अपने हितों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर तेहरान के साथ निरंतर कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए है।
विदेशी जहाजों पर हुई फायरिंग: विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हॉर्मुज की स्थिति पर भारत का पक्ष रखा।
- विदेशी झंडे वाले जहाज: प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जिन दो जहाजों पर फायरिंग की खबरें आई हैं, वे दोनों ही विदेशी जहाज हैं। हालांकि, वैश्विक शिपिंग उद्योग में भारतीयों की बड़ी संख्या को देखते हुए इन जहाजों के चालक दल में कुछ भारतीय सदस्य शामिल थे।
- भारतीयों की सुरक्षा: मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि फायरिंग की घटना के बावजूद सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षति नहीं पहुँची है।
ईरान सरकार के साथ कूटनीतिक संवाद
भारत के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, क्योंकि भारत का अधिकांश कच्चा तेल इसी मार्ग से आता है।
- सुरक्षित आवाजाही: रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है। भारत का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही में कोई बाधा न आए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
- स्थिरता की अपील: भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
डोनाल्ड ट्रंप का ‘नरक’ वाला बयान और वैश्विक चिंता
यह मामला तब और चर्चा में आ गया जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस तनाव को लेकर तीखी टिप्पणी की।
- ट्रंप की चेतावनी: ट्रंप ने अपने पोस्ट में वर्तमान वैश्विक नेतृत्व की आलोचना करते हुए पश्चिम एशिया की स्थिति को ‘धरती पर नरक’ की शुरुआत बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह एक बड़े वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है।
- भ्रम की स्थिति: ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जिससे निवेशकों और शिपिंग कंपनियों के बीच डर का माहौल बन गया है।
होर्मुज का सामरिक महत्व और भारत की चिंता
- ऊर्जा की लाइफलाइन: दुनिया के कुल कच्चे तेल के व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए इस मार्ग पर बहुत अधिक निर्भर है।
बीमा और रसद लागत: फायरिंग जैसी घटनाओं के कारण जहाजों का बीमा प्रीमियम बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर पड़ सकता है।





