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ऑनलाइन ड्रग तस्करी पर NCB का बड़ा अभियान — ‘ऑपरेशन WIPE’ शुरू

नई दिल्ली: देश में तेजी से बढ़ती ऑनलाइन ड्रग तस्करी पर रोक लगाने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बड़ा कदम उठाते हुए ऑपरेशन WIPE’ (Web-based Illicit Activities Prevention & Enforcement) अभियान शुरू किया है। इस ऑपरेशन का उद्देश्य इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के जरिए होने वाली अवैध दवाओं और नशीले पदार्थों की बिक्री को रोकना है।

NCB ने बताया कि कई ई-कॉमर्स और ऑनलाइन ट्रेड प्लेटफॉर्म्स को औपचारिक नोटिस जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि उनकी सेवाओं का उपयोग अवैध ड्रग बिक्री के लिए न हो। एजेंसी ने NDPS एक्ट के तहत प्रतिबंधित और नियंत्रित पदार्थों की विस्तृत सूची भी साझा की है ताकि संदिग्ध उत्पादों की पहचान कर तुरंत हटाया जा सके। 

122 संदिग्ध मामलों की पहचान

ऑपरेशन के शुरुआती चरण में NCB ने 122 ऑनलाइन ड्रग बिक्री के मामलों की पहचान की है, जिनमें कुल 62 प्रकार के पदार्थ शामिल हैं। इनमें क्लोनाजेपाम, डायजेपाम और फेंटानिल जैसी दवाएं भी शामिल हैं, जिनका दुरुपयोग आम तौर पर नशे के रूप में किया जाता है।

इनमें से 58 पदार्थ NDPS अधिनियम के दायरे में आते हैं, जबकि कुछ नियंत्रित पदार्थ केवल NCB की अनुमति से ही बेचे जा सकते हैं। 

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने उठाए कदम

NCB के अनुसार IndiaMART, TradeIndia और Dial4Trade जैसे प्लेटफॉर्म्स ने संदिग्ध लिस्टिंग हटाने और संदिग्ध विक्रेताओं को निलंबित करने जैसी कार्रवाई शुरू कर दी है।

तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

एजेंसी की तकनीकी टीमें उन्नत डिजिटल टूल्स और अंतरराष्ट्रीय खुफिया सूचनाओं की मदद से इंटरनेट पर लगातार निगरानी कर रही हैं। इस अभियान में अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड के SNOOP (Scanning Novel Opioids on Online Platforms) कार्यक्रम का भी सहयोग लिया जा रहा है। 

प्रतिक्रिया से पहले रोकथाम की रणनीति

NCB ने कहा कि ‘ऑपरेशन WIPE’ पारंपरिक कार्रवाई से अलग है। अब रणनीति यह है कि अवैध ड्रग लिस्टिंग को तस्करी बनने से पहले ही पहचानकर हटाया जाए। इससे डिजिटल माध्यम से संचालित ड्रग नेटवर्क्स पर शुरुआती स्तर पर ही रोक लगाई जा सकेगी।

डिजिटल ड्रग नेटवर्क पर सख्ती

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन मार्केटप्लेस, क्रिप्टो पेमेंट और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग चैनलों के कारण ड्रग तस्करी के नए तरीके सामने आए हैं। ऐसे में यह अभियान भारत की एंटी-ड्रग रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

NCB का लक्ष्य देश को ड्रग-फ्री इंडिया” बनाने के अभियान को डिजिटल स्पेस तक विस्तार देना है, ताकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग पूरी तरह रोका जा सके।

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