नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। बोर्ड अगले शैक्षणिक सत्र से पर्यावरण शिक्षा विषय को बोर्ड परीक्षा से हटाने की तैयारी कर रहा है। इस बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों पर पढ़ाई और परीक्षा का बोझ कम करना तथा पाठ्यक्रम को अधिक व्यावहारिक बनाना है।
बोर्ड के इस निर्णय से 10वीं के विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए अधिक समय मिल सकेगा। हालांकि, पर्यावरण से जुड़े विषयों की पढ़ाई पूरी तरह समाप्त नहीं होगी। इसे स्कूल स्तर पर अन्य गतिविधियों और आंतरिक मूल्यांकन के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा सकती है।
विद्यार्थियों को मिलेगी राहत
सीबीएसई की ओर से पाठ्यक्रम में किए जा रहे बदलावों का उद्देश्य विद्यार्थियों को अनावश्यक शैक्षणिक दबाव से राहत देना है। बोर्ड परीक्षा में विषयों और पाठ्यक्रम की समीक्षा के तहत यह निर्णय लिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को मुख्य विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।
स्कूल स्तर पर जारी रह सकती है पढ़ाई
पर्यावरण शिक्षा का महत्व देखते हुए स्कूलों में इससे संबंधित गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व जैसे विषयों को विद्यार्थियों को व्यावहारिक तरीके से समझाया जा सकता है।
नए सत्र से लागू होगा बदलाव
सीबीएसई की ओर से अगले शैक्षणिक सत्र से इस बदलाव को लागू करने की तैयारी है। इससे बोर्ड परीक्षा के पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव देखने को मिलेगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे बोर्ड की आधिकारिक अधिसूचना और स्कूलों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर नजर रखें, ताकि परीक्षा की तैयारी नए पाठ्यक्रम के अनुसार की जा सके।




