एमबी इंटर कॉलेज मैदान में तीन दिन सजेगा लोकसंस्कृति का रंगमंच, फौजी ललित मोहन जोशी समेत कई कलाकार बांधेंगे समां
हल्द्वानी। पहाड़ की पहचान, परंपराओं की विरासत और लोकसंस्कृति की धड़कन अब हल्द्वानी में गूंजने को तैयार है। जोहारी शौकाओं की पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-दमाऊ की थाप और लोकगीतों की स्वर लहरियों के बीच 17वें जोहार महोत्सव का आगाज 30 अक्टूबर से होगा। एमबी इंटर कॉलेज मैदान में एक नवंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में पहाड़ की संस्कृति, खानपान और लोककलाओं का रंग देखने को मिलेगा।
जोहार सांस्कृतिक एवं वेलफेयर सोसायटी की ओर से आयोजित महोत्सव की जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। आयोजकों के मुताबिक, महोत्सव के पहले दिन जोहारी शौकाओं की पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-दमाऊ के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद महोत्सव का शुभारंभ होगा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू होगा।
शाम के कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ लोकगायक फौजी ललित मोहन जोशी, दक्ष कार्की, कैलाश कुमार और गोविंद दिगारी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। लोकगीतों और लोकनृत्यों के साथ पारंपरिक प्रतियोगिताएं तथा पहाड़ी व्यंजनों के जरिए जोहार क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सामने लाया जाएगा।
महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, पारंपरिक वेशभूषा और लोकपरंपराओं से जोड़ना है। तीन दिन तक चलने वाला यह आयोजन जोहार की सांस्कृतिक पहचान को मंच देने के साथ लोक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर बनेगा।





