बीईएल-ईसीआईएल के इंजीनियरों की निगरानी में चल रही जांच, सही मशीनें होंगी सुरक्षित और खराब मशीनें भेजी जाएंगी वापस
हल्द्वानी। चुनावी तैयारियों के बीच ईवीएम की जांच का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। हल्द्वानी स्थित निर्वाचन कार्यालय में 23 अक्टूबर से शुरू हुई प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) में अब तक करीब 40 प्रतिशत मशीनों की पड़ताल पूरी हो चुकी है। जांच में मशीनों की कार्यक्षमता परखी जा रही है, ताकि चुनाव से पहले खराब मशीनों को अलग किया जा सके।
उप निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने बताया कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के इंजीनियर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मशीनों की जांच कर रहे हैं। प्रतिदिन करीब 175 मशीन सेट जांचे जा रहे हैं। इनमें बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट शामिल हैं।
जांच में सही पाई जाने वाली मशीनों पर ‘एफएलसी ओके’ का निशान लगाकर सुरक्षित रखा जा रहा है, जबकि खराब मशीनों को ‘नॉन-फंक्शनिंग’ प्रमाणपत्र के साथ अलग किया जा रहा है। ऐसी मशीनें निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार संबंधित निर्माता कंपनियों को वापस भेजी जाएंगी।
सील से लेकर चाबियों तक निगरानी
एफएलसी की पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए वेयरहाउस की निगरानी की जा रही है। सुबह एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में सील खोली जाती है और काम पूरा होने के बाद शाम को दोबारा सील लगाई जाती है। वेयरहाउस की चाबियां ट्रेजरी में सुरक्षित रखी जाती हैं।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण कर रहे हैं, जबकि नगर आयुक्त स्तर से भी पर्यवेक्षण किया जा रहा है। विवेक राय के अनुसार, निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के तहत शेष मशीनों की जांच जल्द पूरी करने का लक्ष्य है।





