Top 5 This Week

Related Posts

SIR विवाद पर विपक्ष ने CJI को लिखा संयुक्त पत्र, भाजपा ने बताया लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय राज्यसभा सांसद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को संयुक्त पत्र लिखकर SIR प्रक्रिया, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों पर चिंता जताई है। विपक्ष ने पत्र में न्यायपालिका से मामले पर ध्यान देने और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपील की है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि 8 जून को हुई INDIA गठबंधन की बैठक में मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने का निर्णय लिया गया था। बाद में इस पत्र पर 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद के हस्ताक्षर किए गए। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से नहीं चल रही और इससे चुनावी पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव आयोग और न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल उठाकर जनता का ध्यान अपनी लगातार चुनावी हार से भटकाना चाहता है। पार्टी का कहना है कि SIR प्रक्रिया को पहले ही सर्वोच्च न्यायालय से वैधता मिल चुकी है और अब इस मुद्दे को दोबारा उठाना केवल राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।

भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को “पाखंड की पराकाष्ठा” बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार सवाल खड़े करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों का कहना है कि उनका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

SIR प्रक्रिया को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव के बीच अब इस मुद्दे पर न्यायपालिका की संभावित भूमिका और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

Popular Articles