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ईरान-अमेरिका संघर्ष: रूस ने यूएन में किया ईरान का पुरजोर समर्थन; अमेरिका को बताया ‘समुद्री लुटेरा’, पुतिन बोले— ‘शांति के लिए तैयार’

न्यूयॉर्क/मॉस्को: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच वैश्विक शक्तियों के बीच की कूटनीतिक जंग अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) तक पहुँच गई है। सोमवार को हुई सुरक्षा परिषद की अहम बैठक में रूस ने ईरान का खुला समर्थन करते हुए पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका पर तीखे हमले किए। रूस ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में आवाजाही को नियंत्रित करने के ईरान के संप्रभु अधिकार का बचाव किया। इसके साथ ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान की “वीरता” की सराहना करते हुए क्षेत्र में शांति बहाली के लिए मध्यस्थता की पेशकश भी की है।

संयुक्त राष्ट्र में रूस का कड़ा रुख: अमेरिका पर पाखंड का आरोप

संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वसीली नेबेंजिया ने सोमवार को बैठक के दौरान अमेरिका और उसके सहयोगियों को आड़े हाथों लिया।

  • नाकाबंदी का अधिकार: नेबेंजिया ने तर्क दिया कि अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के मद्देनजर होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही को सीमित करने का ईरान को पूरा अधिकार है।
  • अमेरिका को बताया ‘लुटेरा’: रूसी राजदूत ने पश्चिमी देशों की कार्रवाइयों को ‘समुद्री डकैती’ करार देते हुए उन पर पाखंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक तरफ अंतरराष्ट्रीय कानूनों की बात करता है और दूसरी तरफ खुद समुद्री लुटेरों की तरह व्यवहार करता है।

राष्ट्रपति पुतिन और ईरानी विदेश मंत्री की मुलाकात

कूटनीतिक सरगर्मियों के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, ओमान और पाकिस्तान की संक्षिप्त यात्रा के बाद रूस पहुँचे।

  • ईरानी वीरता की सराहना: सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अराघची से मुलाकात की। पुतिन ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए “वीरता और बहादुरी” से लड़ने पर ईरानी जनता की सराहना की।
  • पूर्ण समर्थन का आश्वासन: पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस इस चुनौतीपूर्ण समय में ईरान के साथ मजबूती से खड़ा है। अराघची ने भी रूस द्वारा दिखाए गए अटूट समर्थन के लिए पुतिन को धन्यवाद दिया।

शांति वार्ता के लिए रूस की मध्यस्थता की पेशकश

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ (TASS) के अनुसार, मॉस्को अब इस संघर्ष को शांत करने के लिए एक सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है।

  1. शांति की पहल: राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मॉस्को पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द स्थिरता लाने और शांति वार्ता शुरू करने में मदद करने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है।
  2. क्षेत्रीय दौरा: विदेश मंत्री अराघची की रूस यात्रा से पहले ओमान और पाकिस्तान के नेतृत्व से हुई उनकी बातचीत को भी इसी शांति प्रक्रिया और गठबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है। ईरान ने कई बार चेतावनी दी है कि यदि उसके हितों पर चोट पहुँचाई गई, तो वह इस मार्ग की नाकाबंदी कर सकता है। रूस द्वारा इस संभावित कदम का समर्थन करना वैश्विक ऊर्जा बाजार और पश्चिमी देशों की चिंताओं को बढ़ाने वाला है।

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